भाजपा ने गुरुवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी करते हुए एलान किया कि वह राज्य के लोगों को कोरोना वैक्सीन मुफ्त में लगाएगी। वहीं, अब इस पर विवाद शुरू हो गया है। दरअसल अब यह मामला चुनाव आयोग पहुंच गया है। एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करते हुए कहा कि चुनाव से पहले भाजपा का नि:शुक्ल टीके लगवाने का वादा केंद्र सरकार की शक्तियों का दुरुपयोग है।
राहुल गांधी ने उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस नेता एवं पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा है कि भारत सरकार ने कोरोना वैक्सीन मुफ्त में बांटने की घोषणा कर दी है। ये जानने के लिए कि वैक्सीन और झूठे वादे आपको कब मिलेंगे, कृपया अपने राज्य के चुनाव की तारीख देख लें।
राजद ने उठाए सवाल
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने भाजपा से सवाल किया है कि अगर वह सत्ता में नहीं आई तो क्या लोगों को वैक्सीन नहीं देगी। वहीं, शिवसेना ने कहा है कि वैक्सीन के आने से पहले ही यह चुनावी जुमलों का हिस्सा बन गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी करते हुए बताया कि जब तक कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं आती है, तब तक मास्क ही वैक्सीन है, लेकिन जैसे ही वैक्सीन आ जाएगी तो भारत में उसका उत्पादन बड़े स्तर पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि जब वैक्सीन तैयार हो जाएगी तब हर बिहारवासी को कोरोना वायरस की वैक्सीन निः शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
वहीं, राजद ने इस वादे को लेकर भाजपा पर हमला बोला और पूछा कि अगर राज्य में उनकी सरकार नहीं बनती है तो क्या वह लोगों को मुफ्त में वैक्सीन नहीं देगी। राजद ने ट्वीट कर कहा, कोरोना की वैक्सीन देश की है, भाजपा की नहीं! वैक्सीन का राजनीतिक इस्तेमाल दिखाता है कि इनके पास बीमारी और मौत का भय बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है! बिहारी स्वाभिमानी हैं, चंद पैसों में अपने बच्चों का भविष्य नहीं बेचते!
दूसरी तरफ, शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा, अब तक वैक्सीन आई नहीं है, पर चुनावी जुमलों का हिस्सा जरूर बन गई है। क्या केंद्र सरकार की जिम्मेदारी सारे राज्यों के लोगों के लिए एक समान नहीं होनी चाहिए?