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Bihar: आरसीपी सिंह बोले- नीतीश कुमार जब तक सीएम हैं तभी तक रहेगी जदयू,आने वाले चुनाव में होगा जीरा बटा सन्नाटा

Wed, 11 Oct 2023 03:47 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

आरसीपी सिंह ने कहा कि जदयू वाले जो ख्याली पुलाव बना रहे हैं। वह जरा चुनावी मैदान में जाए, पता चल जाएगा। अभी 16 सांसद है, जीरो बटा सन्नाटा हो जाएंगे। कौन सा काम लेकर नीतीश कुमार लेकर जनता के बीच जाएंगे। 
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आरसीपी सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर है। प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने दावा किया कि कभी भी I.N.I.D.A. गठबंधन की सरकार नहीं बनने वाली है। जदयू वाले जो ख्याली पुलाव बना रहे हैं। वह जरा चुनावी मैदान में जाए, पता चल जाएगा। अभी 16 सांसद है, जीरो बटा सन्नाटा हो जाएंगे। कौन सा काम लेकर नीतीश कुमार लेकर जनता के बीच जाएंगे। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के गद्दी पर अंतिम कस तक मजा लेंगे। जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद पर बने हुए हैं तभी तक जदयू  पार्टी बची हुई है। जदयू के कार्यकर्ता पूरी तरह से हतोउत्साहित हैं। 

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जातीय गणना पर भी उठाए कई सवाल
अस्थावां प्रखंड के मुस्तफापुर गांव में हर दिन देखने को मिल रहा है कि इस पर विवाद हो रहा है। बहुत सारे जाति के लोग इस बात को कह रहे हैं। जो गणना कराया गया है और उसके जो आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं वो सही नहीं है। जो आंकड़ा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रस्तुत किया है, उसमें जरा गौर से देखिए कुछ जातियों को तो क्लब कर दिया गया है। बहुत सारी जाति है, जैसे वैश्य समाज (बनिया समाज) है। अब बनिया का एक ग्रुप बना दिए उसमें 19 से 20 जाति के लगभग है। कानू को अलग, तेली को अलग, सोनर को अलग जितने बनिया समाज के लोग हैं। अगर सब को जोड़ दीजिएगा तो उनकी आबादी आज 8% के आसपास है। नीतीश कुमार ने सबको अलग-थलग कर दिया। जो गणना बिहार सरकार ने कराया है वह संदिग्ध के घेरे में है।

बहुत सारी जातियों को एक जगह जोड़ दिया गया है
आरसीपी सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने शिया समाज, बौद्धिस्ट समाज, जैन समाज का गणना किया ही नहीं वहीं क्रिश्चियन समाज को हरिजन और पिछड़ा वर्ग लिख दिया गया। जो सरासर गलत है। बहुत सारी जातियों को एक जगह जोड़ दिया गया है। बिहार की आबादी बिहार सरकार बता रही है 13 करोड़ 7 लाख है। जिस प्रकार जनगणना के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। उससे जो हैं वो पूरे के पूरे आंकड़े को संदिग्ध के कटघरे में खड़ा कर देता है। सब समाज को लगता है कि मेरी इतनी आबादी कम कैसे बता दी गई है। 
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49 ऐसी जातियां, जिनकी आबादी बिहार में 50 हजार से कम है
आरसीपी सिंह ने कहा कि पूरे बिहार में 49 ऐसी जातियां हैं। इनकी आबादी बिहार में 50 हजार से कम है। आज जो लोग कम और ज्यादा कह रहे हैं। उन्हें लगता है कि हम कम हो गए, हमारी शक्ति कम हो गई तो आगे हमारा क्या होगा। नीतीश कुमार ने इन आंकड़ों से लोगों को सोचने पर यह विवश कर दिया है कि वे अपने बारे में सोचे, अपनी जातियों के बारे में सोचें, अपनी संख्या के बारे में सोचें। 

जनादेश के साथ विश्वास घात करके महागठबंधन में शामिल हो गए
आरसीपी सिंह ने कहा नीतीश कुमार बस अपना फायदा देखते हैं। बिहार में जो बेरोजगार हैं। चाहे वह किसी जाति से हैं। जो लोग बेरोजगार है जिनको रोजगार नहीं मिल रहा है। जिस प्रकार बिहार में कानून व्यवस्था बद से बदतर हो गई। लोग सुरक्षित नहीं है। मुद्दा ये होगा। नीतीश कुमार के मेनिफेस्टो में जातीय गणना शामिल नहीं था। यह मेनिफेस्टो राजद का था। नीतीश कुमार आज उनके गोदी में खेल रहे हैं। चुनाव में लोगों का मन भटकाना है। बिहार के लोग यही पूछ रहे हैं कि नीतीश बाबू 2020 में हमने आपको मुख्यमंत्री के पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार के रूप में चुना था। लेकिन आपने जनादेश के साथ विश्वास घात करके महागठबंधन में शामिल हो गए। 

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