रोहिणी आचार्या का ट्वीट।
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राजद ने भी दिया बयान
फिर ये रामचरितमानस में महिलाओं, शूद्रों, दलितों, कुम्हार और कलवार के बारे में उल्टा-पुल्टा किसने लिखा? इसका मतलब यह लिखने वाला पूर्वाग्रह से ग्रस्त नकारात्मक जीव था? दरअसल राजद का यह ट्वीट RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के बयान का पलटवार था। नागपुर में शुक्रवार को एक सभा को संबोधित करते हुए RSS प्रमुख ने कहा था कि हमारे यहां पहले ग्रंथ नहीं थे। मौखिक परंपरा से चलता आ रहा था। बाद में ग्रंथ इधर-उधर हो गए और कुछ स्वार्थी लोगों ने ग्रंथ में कुछ-कुछ घुसाया जो गलत है। उन ग्रंथों, परंपराओं के ज्ञान की फिर से समीक्षा जरूरी है। इस बयान के बाद ही राजद और रोहिणी ने ट्वीट किया।
28 फरवरी को दुबारा दिया था विवादित बयान
दरअसल, विधानसभा बजट सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर ने विवादित बयान दिया था। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था कि
रामायण में कचरा है, उसे हटाना होगा। तब तो नहीं पढ़ता था। अपमानजनक कही गई बातों को भी सम्मान-आशीर्वाद समझता था। जो देश को चला रहे, उनके सामने मैंने अपनी बात रखी है कि वह रामायण के कचरे को हटाएं। राम मनोहर लोहिया ने भी कचरा हटाने कहा था। मैं लोहिया या अंबेडकर से बड़ा नहीं हूं।