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Ramcharitmanas Controversy : अब क्या कसेगी शिक्षा मंत्री की लगाम, रोहिणी आचार्या ने लगा दी उनकी दलील पर मुहर

Sat, 04 Mar 2023 08:15 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : रामचरितमानस विवाद अभी थमा नहीं है। भाजपा, जदयू समेत कई दलों के नेता राजद के शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने शिक्षा मंत्री की दलील पर मुहर लगा दी। 
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लालू यादव और उनकी बेटी रोहिणी अचार्या। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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रामचरितमानस विवाद अभी थमा नहीं है। भाजपा, जदयू समेत कई दलों के नेता राजद के शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने शिक्षा मंत्री की दलील पर मुहर लगा दी। रोहिणी ने राजद के ट्वीट को दोहराते हुए लिखा कि रामचरितमानस में महिलाओं, शूद्रों, दलितों, कुम्हार और कलवार के बारे में उल्टा-पुल्टा किसने लिखा? इसका मतलब यह लिखने वाला पूर्वाग्रह से ग्रस्त नकारात्मक जीव था?

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माफी मांगो भाजपा के नेताओं
रोहिणी ने कहा कि यह क्यों न मान लिया जाए कि भागवत जी (RSS प्रमुख) का यह बयान भाजपा के उन बहादुर नेताओं के लिए आईना है। जिन्होंने जातीय स्वार्थ में अंधे होकर ग्रंथों के परंपरा के सहारे शूद्र और नारी को प्रताड़ना के अधिकारी वाले अनुचित बात को भी जायज ठहराने और विरोध में सुर उठाने वाले को ही रोहिणी यहीं नहीं रूकीं, वह आगे लिखती हैं, "धर्म द्रोही की संज्ञा से विभूषित कर फूले न समा रहे थे..माफी मांगो भाजपा के नेताओं वरना इस देश के शूद्र जातियां व नारी तुम्हारे इस जातिय अहंकार के गर्व को पल भर में मिट्टी पलीद कर देगी..."

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रोहिणी आचार्या का ट्वीट। - फोटो : अमर उजाला
राजद ने भी दिया बयान 
फिर ये रामचरितमानस में महिलाओं, शूद्रों, दलितों, कुम्हार और कलवार के बारे में उल्टा-पुल्टा किसने लिखा? इसका मतलब यह लिखने वाला पूर्वाग्रह से ग्रस्त नकारात्मक जीव था? दरअसल राजद का यह ट्वीट RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के बयान का पलटवार था। नागपुर में शुक्रवार को एक सभा को संबोधित करते हुए  RSS प्रमुख ने कहा था कि हमारे यहां पहले ग्रंथ नहीं थे। मौखिक परंपरा से चलता आ रहा था। बाद में ग्रंथ इधर-उधर हो गए और कुछ स्वार्थी लोगों ने ग्रंथ में कुछ-कुछ घुसाया जो गलत है। उन ग्रंथों, परंपराओं के ज्ञान की फिर से समीक्षा जरूरी है। इस बयान के बाद ही राजद और रोहिणी ने ट्वीट किया। 

28 फरवरी को दुबारा दिया था विवादित बयान
दरअसल, विधानसभा बजट सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर ने विवादित बयान दिया था। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था कि रामायण में कचरा है, उसे हटाना होगा। तब तो नहीं पढ़ता था। अपमानजनक कही गई बातों को भी सम्मान-आशीर्वाद समझता था। जो देश को चला रहे, उनके सामने मैंने अपनी बात रखी है कि वह रामायण के कचरे को हटाएं। राम मनोहर लोहिया ने भी कचरा हटाने कहा था। मैं लोहिया या अंबेडकर से बड़ा नहीं हूं। 
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