पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बिना किसी सुरक्षा के शुक्रवार को विधान परिषद पहुंची और नामांकन पत्र भरा। उनके साथ राजद के तीन अन्य उम्मीदवारों ने भी परचा दाखिल किया। इस मौके पर तेजस्वी यादव और तेज प्रताप के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी मौजूद थे।
राजद ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र पूर्वे और सैयद मोहसिन खुर्शीद को प्रत्याशी बनाया है। हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी के पुत्र संतोष सुमन को राजद समर्थन करेगा। राजद को चार सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस से मदद की जरूरत होगी।
विधायकों की संख्या के हिसाब से एक सीट पर जीत के लिए प्रथम वरीयता क्रम में कम से कम 21 वोट चाहिए। राजद के पास अभी 80 विधायक हैं। हम की एक सीट मिलाकर कुल संख्या 81 हो जाएगी। चार सीटों पर जीत के लिए राजद को 84 वोट चाहिए। ऐसे में उसे तीन सीटों के अतिरिक्त मतों का प्रबंध करना पड़ेगा, जिसे कांग्रेस के सहयोग से पूरा किया जा सकता है।
कांग्रेस के पास 27 विधायक हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी साफ नहीं हो सका है कि विधान परिषद चुनाव के लिए पार्टी का प्रत्याशी कौन होगा। विधायकों के संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस के खाते का एक उम्मीदवार विधान परिषद पहुंच सकता है।