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Bihar: मौत के बाद भी नहीं मिला इंसाफ, पटरी पर पड़ी रही युवक की लाश, पुलिस लड़ती रही इलाके की लड़ाई

Tue, 07 Apr 2026 06:22 PM IST
पूर्णिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

Bihar: पूर्णिया में रेलवे पटरी किनारे मिले युवक के शव को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। शरीर पर चोट के निशान मिलने से मामला और गंभीर हो गया है। वहीं, घटनास्थल पर पहुंची पुलिस के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर लंबे समय तक चली बहस के कारण कार्रवाई में देरी हुई, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्णिया के सदर थाना क्षेत्र के हनुमानबाग में पूर्णिया कोर्ट से पूर्णिया जंक्शन जाने वाली रेलवे पटरी के किनारे एक 22 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान रामबाग कॉलेज के पास निवासी अजय झा के पुत्र विशाल झा के रूप में की गई है। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई बेरहमी से हत्या है।

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'मोबाइल पर फोन आया और फिर घर नहीं लौटा विशाल' 
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए मृतक के चचेरे भाई अमरीश झा ने बताया कि विशाल सोमवार रात करीब 8 बजे घर पर ही मौजूद था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। विशाल अपनी मां से यह कहकर घर से निकला कि वह अभी आ रहा है, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार वालों ने रात भर आसपास और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह होते ही सूचना मिली कि हनुमानबाग रेलवे पटरी के पास एक युवक का शव पड़ा है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसकी पहचान विशाल के रूप में की।

विशाल के शरीर पर मिले चोट के निशान
परिजनों के अनुसार, विशाल के शरीर पर चोट के निशान साफ तौर पर किसी अनहोनी की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उसकी पीठ और गले के ऊपरी हिस्से पर मारपीट के गहरे और ताजे जख्म मिले हैं, जबकि उसके मुंह से खून भी निकला हुआ था। परिजनों का आरोप है कि अज्ञात हमलावरों ने पहले विशाल को बेरहमी से पीटा और उसकी मौत के बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को रेलवे पटरी के किनारे फेंक दिया। 
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पढ़ने में काफी तेज था मृतक
परिवार का कहना है कि विशाल पढ़ाई में काफी तेज था और उसकी किसी से कोई ऐसी दुश्मनी नहीं थी कि उसकी हत्या की जाए। प्रथम दृष्टया यह मामला साक्ष्य छिपाने और हत्या को आत्महत्या में बदलने की कोशिश का प्रतीत होता है।

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पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों के बीच क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद हो गया। करीब दो से तीन घंटे तक यह तय नहीं हो सका कि मामला किस थाने के अंतर्गत आएगा, और इस दौरान शव पटरी पर ही पड़ा रहा। विवाद बढ़ता देख केहाट थानाध्यक्ष उदय कुमार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जीआरपी अधिकारियों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद जीआरपी ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेजा। केहाट थानाध्यक्ष ने भी माना कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं। फिलहाल जीआरपी पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। पुलिस की देरी और सीमा विवाद को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।

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