पूर्णिया से पप्पू यादव ने दर्ज की जीत
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'इंडी गठबंधन के सभी उम्मीदवार-कार्यकर्ता लोकतंत्र को बचाएं'
वहीं, पप्पू यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हमारा एक-एक कार्यकर्ता, बिहार और पूर्णिया में मरने की तैयारी करके आए। हर माथे पर कफन होगा। हमने अपील की है कि इंडी गठबंधन के सभी उम्मीदवार और कार्यकर्ता लोकतंत्र को बचाएं, हम पूरा सहयोग करेंगे। मतगणना को पारदर्शी रखें। वरना मरता क्या न करता, जबरदस्ती लोकतंत्र की हत्या होगी तो महाभारत का संग्राम होगा।
पप्पू को सूट करती है निर्दलीय राजनीति
पप्पू यादव की यह बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लोकसभा चुनाव में तीसरी और कुल मिलाकर चौथी चुनावी जीत है। इससे साफ हो रहा है कि पप्पू को निर्दलीय राजनीति सूट करती है। पप्पू ने अपने चुनावी सफर का आगाज भी बतौर निर्दलीय चुनाव लड़कर ही किया था। हालांकि, वह विधानसभा चुनाव था। पप्पू यादव 1990 में मधेपुरा की सिंहेश्वर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़े और जीते।
पप्पू यादव तीसरी बार निर्दलीय सांसद
पप्पू यादव इससे पहले भी दो बार निर्दलीय सांसद रहे हैं और दोनों ही बार वह पूर्णिया सीट से ही संसद पहुंचे थे। पप्पू यादव ने पूर्णिया लोकसभा सीट से 1991 और 1999 का चुनाव भी बतौर निर्दलीय उम्मीदवार ही जीता था। पप्पू यादव 1996 में पूर्णिया से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते थे। वह मधेपुरा सीट से भी दो बार सांसद रहे हैं और दोनों ही बार आरजेडी के टिकट पर। पप्पू यादव कुल छह बार सांसद रहे, जिसमें दो बार वह आरजेडी से जीतकर पहुंचे तो एक बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर। यह तीसरा मौका है जब पप्पू यादव बतौर निर्दलीय चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं। कुल मिलाकर देखें तो पप्पू यादव 2014 के चुनाव तक विधानसभा और लोकसभा के कुल चार चुनाव बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत चुके हैं।