किशनगंज महिला थाना अध्यक्ष पर रिश्वत लेकर FIR दर्ज करने का आरोप
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किशनगंज जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक दुष्कर्म पीड़िता ने किशनगंज महिला थाना अध्यक्ष सुनीता कुमारी पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के एवज में 15,000 रुपये रिश्वत लेने और पैसे लेने के बावजूद एक साल बीत जाने पर भी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता ने पूर्णिया आईजी विवेकानंद को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
शादी का झांसा देकर दो साल तक करता रहा शोषण
मामला बहादुरगंज थाना क्षेत्र के सतालनिहाल भाग (वार्ड संख्या-14) का है। पीड़िता ने बताया कि 20 मार्च 2023 को जब वह घर में अकेली थी, तब कोठीटोला भाटाबाड़ी निवासी अशफाक आलम (30 वर्ष) ने उसके घर में घुसकर दुष्कर्म किया। विरोध करने और रोने पर आरोपी ने पीड़िता को आश्वासन दिया कि वह उसी से शादी करेगा। इस झांसे में रखकर आरोपी करीब दो वर्षों तक शादी की बात टालता रहा। इसी बीच आरोपी अशफाक आलम ने ग्राम गुरुमाड़ा की एक अन्य युवती से निकाह कर लिया।
न्याय की गुहार लेकर पहुंची महिला थाना
जब पीड़िता को इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उसने 1 जून 2025 को महिला थाना किशनगंज में न्याय के लिए लिखित आवेदन दिया। पीड़िता का आरोप है कि तत्कालीन महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी ने न तो तत्काल मामला दर्ज किया और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया।
एफआईआर के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, थाना अध्यक्ष ने मामला दर्ज करने के लिए 15,000 रुपये की मांग की। उस समय पैसे न होने के कारण वह अपने पिता के साथ वापस लौट गई। बाद में किसी तरह पैसों का इंतजाम कर 22 जून 2025 को कथित रूप से रिश्वत की राशि थाना अध्यक्ष को दी गई। इसके बाद महिला थाना में कांड संख्या 50/25 दर्ज किया गया।
11 दिन बाद हुआ मेडिकल, एक साल बाद भी गिरफ्तारी नहीं
पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के 11 दिन बाद उसे मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। लेकिन केस दर्ज हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपी अशफाक आलम खुलेआम घूम रहा है।
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आईजी से लगाई गुहार
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि महिला थानाध्यक्ष ने आरोपी पक्ष से भी मोटी रकम वसूल ली है, जिसके कारण स्थानीय बहादुरगंज थाने को गिरफ्तारी के लिए कोई पत्र तक नहीं भेजा गया। इस रवैये से परेशान होकर पीड़िता पूर्णिया आईजी कार्यालय पहुंची और आईजी विवेकानंद को आवेदन देकर दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तथा आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है।