टॉपर जूही दास को मिठाई खिलाते हुए परिजन
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बिहार के किशनगंज जिले की रहने वाली जुही दास ने देश की प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 649वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। हालांकि यह सफलता ऐसे समय आई है जब परिवार गहरे शोक में है। दरअसल, जुही के पिता का निधन परीक्षा परिणाम घोषित होने से महज 21 दिन पहले हो गया था। ऐसे में घर में खुशी और गम का मिला-जुला माहौल है।
21 दिन पहले हुआ पिता का निधन, फिर भी नहीं टूटा हौसला
जुही किशनगंज के खगड़ा वार्ड संख्या 22 की निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय निवारण दास का निधन परीक्षा परिणाम घोषित होने से ठीक 21 दिन पहले हो गया था। परिवार अभी भी इस दुख से उबर नहीं पाया था, तभी जुही की वर्षों की कड़ी मेहनत का फल सामने आया। इस खबर ने परिवार के लिए एक बेहद भावुक क्षण पैदा कर दिया।
मां ने दिया हौसला, बहन को है गर्व
टॉपर जुही ने बताया कि उनकी माता अन्निका दास ने इस कठिन समय में लगातार उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने हमेशा जुही को ईमानदारी और मेहनत के साथ प्रयास करने की प्रेरणा दी। वहीं जुही की छोटी बहन मानवी दास ने भी अपनी बड़ी बहन की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है।
बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं जुही
स्थानीय लोगों के अनुसार, जुही दास शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रही हैं। उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी एक दिन बड़ा मुकाम हासिल करे और समाज व देश की सेवा करे। जुही की इस सफलता ने उनके पिता के सपने को साकार कर दिया है।
कहां से की जुही ने पढ़ाई
जुही ने बताया कि उनकी प्रारंभिक पढ़ाई बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई है। उन्होंने दसवीं की परीक्षा भी इसी स्कूल से पास की थी, जिसमें उन्हें 9.4 सीजीपीए प्राप्त हुआ था। इसके बाद उन्होंने चैतन्य विशाखापट्टनम से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। आगे चलकर टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।
पूरे जिले को है जुही की सफलता पर गर्व
जुही दास की इस उपलब्धि पर सिर्फ खगड़ा इलाके में ही नहीं, बल्कि पूरे किशनगंज जिले में गर्व और खुशी का माहौल है। लोग उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष की सराहना कर रहे हैं। जुही की सफलता कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।