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Bihar News: जमीन विवाद में बुरी तरह जख्मी इमासीन की एक माह बाद मौत, ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

Sat, 03 May 2025 05:41 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,पूर्णिया

सार

अररिया के नरपतगंज प्रखंड में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी । इस मारपीट में 40 साल के मो. इमासीन, पिता मो. जियाबुल गंभीर रूप से घायल हो गए थे । वहीं, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
 
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ग्रामीणों का पुलिस के खिलाफ उग्र प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अररिया के नरपतगंज प्रखंड के घुरना थाना क्षेत्र के पथराहा पंचायत वार्ड नंबर 14 में 29 मार्च को जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इस घटना में 40 साल के मो. इमासीन, पिता मो. जियाबुल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए नेपाल के बिराटनगर स्थित न्यूरो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां एक महीने से उनका इलाज चल रहा था। लेकिन शनिवार को उनकी मौत हो गई। जैसे ही इमासीन की मौत की खबर उनके परिवार और गांव वालों को मिली तो गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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सड़क को किया जाम 

गुस्साए ग्रामीणों ने मो. इमासीन का शव घुरना नहर चौक पर रखकर सड़क जाम कर दी। उन्होंने टायर जलाकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोग घुरना थानाध्यक्ष संजय कुमार यादव और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

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ग्रामीणों का साफ आरोप था कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी घुरना थानाध्यक्ष और पुलिस ने एक महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही से पीड़ित की मौत हो गई।

थानाध्यक्ष पर लगाए आरोप

 ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घुरना थानाध्यक्ष ने आरोपियों से पैसे लेकर उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। जब इस बात की जानकारी अधिकारियों को मिली तो सर्किल इंस्पेक्टर सतीश कुमार सिंह, बसमतिया थानाध्यक्ष अमर कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण वरीय अधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

इसके बाद डीएसपी हेडक्वार्टर फखरे आलम वहां पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। गुस्साए ग्रामीणों ने डीएसपी से कहा कि अगर थानाध्यक्ष ने समय पर कार्रवाई की होती तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष संजय कुमार यादव ने आरोपियों से घूस ली और इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की।

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इस घटना को लेकर ग्रामीणों और महिलाओं ने शव को नहर चौक पर रखकर घुरना-अचरा मुख्य सड़क जाम कर दी और प्रदर्शन करने लगे। वे थानाध्यक्ष को सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे। करीब चार घंटे तक शव के साथ सड़क पर प्रदर्शन हुआ। इसके बाद एसपी अंजनी कुमार ने डीएसपी फखरे आलम को मौके पर भेजा।

डीएसपी हेडक्वार्टर के मनाने पर मानें लोग

डीएसपी हेडक्वार्टर के समझाने-बुझाने के बाद गुस्साए लोग शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अररिया भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव को मृतक के परिवार वालों को सौंप दिया गया। मौके पर मौजूद डीएसपी हेडक्वार्टर ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और इसकी रिपोर्ट एसपी को भेजी जाएगी। अगर जांच में थानाध्यक्ष दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ भी जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
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