पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के दौरान हुए हंगामे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए छात्र नेता पीयूष पुजारा, चाहत कुमार और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन करते हुए आत्मदाह की कोशिश की गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के दौरान हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राजद छात्र नेता पीयूष पुजारा, चाहत कुमार और अन्य अज्ञात छात्रों के खिलाफ के. हाट थाने में नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। इन पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और आत्मदाह के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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पुलिस ने शुरू की जांच
के. हाट थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मौके पर मौजूद गवाहों के बयान ले रही है और उपलब्ध वीडियो फुटेज के जरिए मामले की जांच कर रही है। बीते 18 मार्च को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में स्थापना दिवस के मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान राजद छात्र नेता पीयूष पुजारा अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आत्मदाह की कोशिश से मची अफरा-तफरी
प्रदर्शन के दौरान पीयूष पुजारा ने अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। इस घटना से समारोह में मौजूद अतिथि, शिक्षक और छात्र-छात्राओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद विश्वविद्यालय के कुलानुशासक (प्रभारी) और कुलसचिव ने 23 मार्च को के. हाट थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया। आवेदन में कहा गया है कि छात्रों ने विश्वविद्यालय की व्यवस्था को बिगाड़ा और वहां मौजूद लोगों की जान को खतरे में डाला।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना को सुनियोजित साजिश बताया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सजा की मांग की है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और स्थानीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है। थानाध्यक्ष ने कहा कि लिखित शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और वीडियो फुटेज की जांच कर रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।