पूर्णिया कसबा में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आकर चार नाबालिग बच्चों की मौत का मामला अब एक साधारण दुर्घटना नहीं रह गया है। यह हादसा बाल मजदूरी, क्रूरता और हत्या के प्रयास की भयावह कहानी बन गया है। हादसे में गंभीर रूप से घायल 12 वर्षीय कुलदीप ऋषि ने होश में आने के बाद पुलिस और प्रशासन को जो जानकारी दी, उसने पूरे देश को झकझोर दिया। कुलदीप ने मुख्य आरोपी ठेकेदार विशु साहनी पर बच्चों को अमानवीय यातनाएं देने और पीट-पीटकर रेलवे ट्रैक पर मरने के लिए छोड़ने का आरोप लगाया।
लालच देकर दरभंगा से पूर्णिया लाया था
पांचों बच्चों ने घर भागने का निर्णय लिया
क्रूरता से तंग होकर पांचों बच्चों ने घर भागने का निर्णय लिया। दशमी के दिन ठेकेदार ने उन्हें मेला देखने के लिए 50-50 रुपये दिए। बच्चे तय किए कि फैक्ट्री वापस नहीं जाएंगे और पैसे से घर चलेंगे। कुछ दूरी पर पहुंचते ही ठेकेदार पीछे से आ गया और बच्चों को रेलवे पटरी के पास पकड़कर बुरी तरह से पीटा। वह उन्हें तब तक पीटता रहा जब तक वे अधमरा और बेहोश नहीं हो गए। इसके बाद बच्चों को बेहोशी की हालत में रेलवे ट्रैक पर छोड़कर फरार हो गया।
बच्चे उसी स्थिति में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में तीन नाबालिगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
पूरे इलाके में चीख-पुकार मची