प्रशांत किशोर आज यानी गुरुवार को पूर्णिया में एक प्रेस वार्ता के दौरान नीतीश कुमार और जदयू पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें जदयू से निकाल दिया, जब उन्होंने सीएए और एनआरसी का विरोध किया।
प्रशांत किशोर ने कहा कि मैंने सीएए और एनआरसी का विरोध किया था, जिसके बाद नीतीश कुमार ने मुझे जदयू से निकाल दिया। मैंने हमेशा से ही मुस्लिम समाज के हितों की लड़ाई लड़ी है। लेकिन जदयू ने मुस्लिम समाज के साथ खड़े नहीं होने का फैसला किया।
उन्होंने आगे कहा कि जदयू ने संसद में वक्फ कानून का समर्थन किया, जिससे पूरा मुस्लिम समाज आज असहज महसूस कर रहा है। जदयू केवल मुस्लिम समाज को कुछ एमएलसी या बोर्ड के सदस्य बनाने का लॉलीपॉप देकर उनसे उनका वोट ले लेती है, पर जब जरूरत होती है तब समाज के साथ खड़ी नहीं होती है।
प्रशांत किशोर ने जदयू के मुस्लिम नेताओं से भी सवाल किया कि वह किस आधार पर जदयू का साथ दे रहे हैं। जबकि जदयू संसद में वक्फ बोर्ड जैसा कानून का समर्थन कर रही है, जिससे पूरा मुस्लिम समाज आज असहज महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जदयू आज भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल हो गई हैं, जिसने देश की संसद से सीएए और एनआरसी के कानून पास किए और जिसके खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे। फिर भी नीतीश कुमार ने अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन किया।