भारत–नेपाल सीमा पर तस्करी का खुलासा
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भारत–नेपाल की खुली सीमा एक बार फिर तस्करी के बड़े केंद्र के रूप में सामने आई है। बिहार के जोगबनी बॉर्डर से इन दिनों कैरिंग नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार संचालित किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जहां आम नागरिकों को नेपाल जाने के दौरान कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, वहीं तस्करी से जुड़े कैरियर बिना किसी प्रभावी रोक-टोक के सीमा पार करते देखे जा रहे हैं।
इसी कड़ी में नेपाल सशस्त्र पुलिस बल ने बीते दो दिनों के भीतर तस्करी के खिलाफ दो बड़ी कार्रवाइयाँ कर सीमा क्षेत्र में सक्रिय संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पहली कार्रवाई मोरंग जिले में की गई, जहां भारत से अवैध रूप से लाए गए फूड सप्लीमेंट से लदे एक ट्रक को जब्त किया गया। यह ट्रक जोगबनी के रास्ते कैरिंग के माध्यम से नेपाल लाया गया था।
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मामले की पुष्टि करते हुए सशस्त्र प्रहरी बल मोरंग के प्रमुख एसपी राजेश घिमिरे ने बताया कि तस्करी का यह माल विराटनगर में संग्रहित किया गया था और फर्जी बिलों के आधार पर इसे धरान समेत अन्य जिलों में भेजने की तैयारी चल रही थी। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक रोशन कुमार राजवंशी को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में उसने तस्करी नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियाँ साझा की हैं।
वहीं, कोसी प्रदेश के सशस्त्र पुलिस बल के डीआईजी कुमार न्योपाने ने बताया कि सीमा क्षेत्र में विशेष निगरानी के दौरान जोगबनी बॉर्डर से ऑनलाइन डिलीवरी की आड़ में कपड़ा तस्करी का भी खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई में लाखों रुपये मूल्य के कपड़े बरामद किए गए हैं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र में लंबे समय से संगठित तरीके से तस्करी का संचालन किया जा रहा था। इस पूरे मामले ने सीमा सुरक्षा व्यवस्था, कैरिंग सिस्टम और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।