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Bihar News: करंट बना काल, दो मासूमों से छिन गया पिता का साया; बिहार में हुआ दर्दनाक हादसा

Wed, 07 Jan 2026 02:08 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण

सार

पश्चिम चंपारण जिले के शनिचरी थाना क्षेत्र के मठिया रसूलपुर वार्ड संख्या 11 में बिजली की लाइन जोड़ते समय करंट लगने से 36 वर्षीय मजदूर मुन्ना प्रसाद की मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम के दौरान परिजन - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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श्चिम चंपारण जिले के शनिचरी थाना क्षेत्र अंतर्गत मठिया रसूलपुर वार्ड संख्या 11 में बुधवार को करंट लगने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। जिस घर में रोज की तरह चूल्हा जलना था और बच्चों की हंसी गूंजनी थी, वहां अचानक मातम पसर गया। घर में बिजली की लाइन जोड़ने के दौरान करंट की चपेट में आने से 36 वर्षीय मुन्ना प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरा परिवार सदमे में है।
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मृतक की पहचान हरिंदर प्रसाद के पुत्र मुन्ना प्रसाद के रूप में हुई है। वे मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे और घर के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। परिजनों के अनुसार, मुन्ना प्रसाद रोज की तरह घर के काम में जुटे थे। वे घर में बिजली की लाइन दुरुस्त कर रहे थे, ताकि बच्चों को अंधेरे में न रहना पड़े, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यही तार उनकी जिंदगी की आखिरी डोर बन जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही करंट लगा, मुन्ना प्रसाद जोर से चीखे और जमीन पर गिर पड़े। आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग दौड़े। किसी ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो कोई बिजली काटने के लिए भागा। आनन-फानन में इलाज का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
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घटना की सूचना मिलते ही पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी मिलते ही शनिचरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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सबसे हृदयविदारक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मृतक की दो मासूम बेटियां अपने पिता के शव से लिपटकर रोती रहीं। बड़ी बेटी पिंकी कुमारी (8 वर्ष) बार-बार पूछती रही कि “पापा कब उठेंगे?”, जबकि सात साल की पूनम कुमारी खामोशी से पिता का हाथ थामे बैठी रही, मानो वह हाथ छोड़ते ही पिता हमेशा के लिए दूर चले जाएंगे। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।
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परिवार वालों ने बताया कि मुन्ना प्रसाद की अचानक मौत से पत्नी और बच्चों के सामने जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घर में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, लेकिन यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर गया है कि क्या थोड़ी सी असावधानी एक गरीब परिवार को पूरी तरह बेसहारा बना देने के लिए काफी है।
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