जीएमसीएच में तेजस्वी यादव।
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एक ही बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाया गया है
उन्होंने बताया कि GMCH, जो एक मेडिकल कॉलेज है, में न तो आईसीयू (ICU) है और न ही ट्रॉमा सेंटर चालू है। साथ ही, कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग भी मौजूद नहीं है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एक ही बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाया गया है और 15-20 दिनों तक बेडशीट नहीं बदली जाती, जिससे स्वच्छता की स्थिति अत्यंत खराब है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में नर्सों के 255 स्वीकृत पदों में से केवल 55 ही कार्यरत हैं, और वे भी तीन शिफ्टों में काम करती हैं। डॉक्टरों के 80 फीसदी पद खाली हैं। इसके अलावा, अस्पताल में एक भी स्थायी ड्रेसर नहीं है, और केवल चार ऑपरेशन थिएटर सहायक हैं।
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मेडिकल इंटर्न्स को छह महीने से वेतन नहीं मिला
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया कि 23 में से कई विभाग बंद हैं, और मेडिकल इंटर्न्स को छह महीने से वेतन नहीं मिला है। तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार हजारों करोड़ रुपये सिर्फ आलीशान इमारतें बनाने पर खर्च करती है, लेकिन डॉक्टरों, नर्सों, लैब टेक्निशियन और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं करती। वे आरोप लगाते हैं कि कमीशन के चक्कर में महंगे स्वास्थ्य उपकरण तो खरीद लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए तकनीशियन ही नहीं हैं।