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Satta ka Sangram Live: अररिया पहुंचा चुनावी रथ, चाय पर चर्चा के दौरान युवाओं ने बताए मुद्दे; जानें क्या कहा?

Wed, 29 Oct 2025 09:51 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अररिया

सार

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है। चुनाव नजदीक आते ही माहौल पूरी तरह चुनावी हो गया है। इसी के तहत, अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ अररिया पहुंचा।
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सत्ता का संग्राम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अररिया की हवा में अब चुनाव की गूंज घुल चुकी है। यह वही ऐतिहासिक धरती है, जहां राजनीति केवल भाषणों से नहीं, बल्कि लोगों के दिलों की धड़कनों से चलती है। अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ जब अररिया पहुंचा, तो हर गली, नुक्कड़ और चौपाल पर बस एक ही सवाल गूंज रहा था, “इस बार किसके हाथ लगेगी सत्ता की चाबी?” सुबह की चाय की चुस्कियों से लेकर शाम की बैठकों तक, मतदाताओं की उम्मीदें और मुद्दे मिलकर बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर गढ़ रहे हैं। यहां की फिजा में अब सिर्फ हवा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सरगम बह रही है। यह संस्करण भाषा को थोड़ा और साहित्यिक और प्रवाहपूर्ण बनाता है, जबकि आपका मूल भाव पूरी तरह सुरक्षित रखता है।
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स्थानीय निवासी रंजन ने कहा, “अच्छे लोग चुनाव में जीत नहीं पाते। इसलिए वोटरों को ऐसे लोगों को चुनना चाहिए जिनसे आसानी से मिला जा सके और अपनी समस्याएं बताई जा सकें।” उन्होंने आगे कहा, “यहां लोग नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी को देखकर वोट देते हैं। सरकार को अब रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।”



वहीं मिथुन ने कहा, “यहां भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा है, खासकर ब्लॉक कार्यालयों में घूसखोरी आम बात है। ऐसे में हमें ऐसे नेता को जीताना चाहिए जो इन समस्याओं को कम कर सके।” उन्होंने कहा, “हम सिर्फ विकास देखकर ही वोट देंगे।” 

जयप्रकाश ने कहा, “एक बार फिर बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बनती दिख रही है। पिछले 20 वर्षो में राज्य में काफी विकास हुआ है और हमें उम्मीद है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार और आगे बढ़ेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगें ताकि लोग वापस अपने गांव आ सकें और रोजगार के मौके बढ़ें। इसके अलावा, महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी नीतीश कुमार ने अच्छा काम किया है। अब महिलाएं रात के 10 बजे के बाद भी बिना डर के सड़कों पर निकल सकती हैं।” 

राजेश कुमार ने कहा, “अररिया में भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा है। यहां तक कि पास के पूर्णिया विश्वविद्यालय में भी घूसखोरी और गड़बड़ी आम बात है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पर कोई बड़ा कदम नहीं उठा रहे हैं।” 

आबिद हुसैन अंसारी ने कहा, “इस इलाके का पानी बहुत दूषित है और पीने लायक नहीं है। यहां शिक्षा की स्थिति भी काफी खराब है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता नहीं है। बाहर के राज्यों की तरह यहां शिक्षा व्यवस्था अच्छी नहीं दिखती। शिक्षक भी अक्सर क्लास के बजाय दूसरे कामों में व्यस्त रहते हैं।”

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