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Crime: पूर्णिया नरसंहार से पहले का वीडियो वायरल, झाड़-फूंक करता दिखा मुख्य आरोपी; चार दिन पहले किया था रिकॉर्ड

Wed, 09 Jul 2025 03:58 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया

सार

Purnea Massacre Update: पूर्णिया में पांच लोगों की हत्या से पहले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्य आरोपी झाड़-फूंक करता दिख रहा है। वीडियो को चार दिन पहले ही रिकॉर्ड किया गया था। पढ़ें पूरी खबर...।
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वायरल वीडियो के स्क्रीनग्रैब तथा पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्णिया जिले में पांच लोगों की दर्दनाक हत्या और शवों को जलाने के सनसनीखेज मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी नकुल उरांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वह गांव के ही आठ वर्षीय सुमित कुमार पर झाड़-फूंक करता दिखाई दे रहा है। यह वीडियो घटना से महज चार दिन पहले रिकॉर्ड किया गया था। अब इसके वायरल होने के बाद पूरा मामला और भी गहराता नजर आ रहा है।

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तंत्र विद्या के जरिए इलाज, लेकिन मासूम की हो गई मौत
वीडियो में नकुल उरांव अपने घर में गांव के रामदेव उरांव के बेटे सुमित पर तंत्र-मंत्र करता नजर आता है। जानकारी के मुताबिक, सुमित खेत में काम करने के बाद घर लौटा था और भूखे पेट गिरकर बेहोश हो गया था। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाने के बजाय नकुल के पास लाया गया, जहां रातभर झाड़-फूंक चली, लेकिन आखिरकार सुमित की मौत हो गई। मासूम की मौत के बाद नकुल ने गांव में यह अफवाह फैला दी कि बच्चे की बलि बाबूलाल उरांव और उसकी मां कातो मसोमात ने दी है। इसी आरोप के आधार पर उसने गांव वालों को उकसाया और रविवार रात बाबूलाल के पूरे परिवार पर हमला करवा दिया।

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डायन बताकर कराई निर्मम हत्या, शवों को जलाया गया
पुलिस जांच में सामने आया है कि नकुल उरांव ने तांत्रिक होने का भ्रम फैलाकर गांव में अपना प्रभाव बना लिया था। बच्चा सुमित की मौत को आधार बनाकर उसने बाबूलाल की मां और पत्नी को डायन करार दिया और गांव के लोगों को भड़काकर सुनियोजित तरीके से पांच लोगों की हत्या कर डाली। हमले के बाद शवों को जला दिया गया ताकि कोई सबूत न बचे।
 
नकुल उरांव- मजदूर से माफिया, फिर ‘मर्रर’ तक का सफर
स्थानीय लोगों के अनुसार, नकुल उरांव कुछ साल पहले तक मजदूरी का काम करता था। फिर टेटगामा गांव में सड़क किनारे एक चाय की दुकान खोली, जो जल्द ही एक होटल में बदल गई। इसी दौरान उसका संपर्क मिट्टी माफिया और ट्रैक्टर चालकों से हुआ और वह अवैध मिट्टी कटाई और जमीन के कारोबार में उतर गया। धन और दबदबे के साथ उसने गांव में खुद को तांत्रिक और प्रभावशाली व्यक्ति घोषित कर दिया। धीरे-धीरे लोग उसे गांव का 'मर्रर' यानी नेता मानने लगे। तंत्र विद्या की आड़ में वह गांववालों को बहकाता और मनगढ़ंत आरोपों के जरिए लोगों को निशाना बनाता।
 
पुलिस ने तीन को भेजा जेल, मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपी नकुल उरांव, छोटू उरांव और ट्रैक्टर चालक मोहम्मद सनाउल्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वीडियो सामने आने के बाद अब तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के आधार पर हत्याओं को अंजाम देने की बात स्पष्ट हो गई है।
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इस नृशंस वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां अंधविश्वास के नाम पर पूरे परिवार की बलि चढ़ा दी गई, वहीं दूसरी ओर यह भी सवाल उठ रहा है कि गांव में नकुल जैसे लोग कैसे बेखौफ होकर सत्ता जैसा दबदबा बना सकते हैं।

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