पूर्णिया के गुलाबबाग स्थित हांसदा के नया टोला कलीजान इलाके में मंगलवार को जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान सरकारी जमीन पर बने सैकड़ों मकानों को तीन जेसीबी और एक पोकलेन मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। सुबह तक आबाद दिखने वाली बस्ती शाम होते-होते मलबे में तब्दील हो गई। कार्रवाई के बाद इलाके में मायूसी और अफरा-तफरी का माहौल रहा।
अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई नगर आयुक्त अनिरुद्ध पाण्डेय के नेतृत्व में की गई। मौके पर सदर एसडीएम विग्नेश टीए, सदर एसडीपीओ-1 अभिनव परासर, अंचलाधिकारी समेत अंचल और नगर निगम के दर्जनों कर्मी मौजूद रहे। किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हांसदा इलाके में बिहार सरकार की करीब 25 एकड़ जमीन है। इसमें से 10 एकड़ जमीन को चिह्नित कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इस कार्रवाई से नगर निगम को करीब छह से सात एकड़ जमीन उपलब्ध हो सकेगी।
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डंपिंग यार्ड और एमआरएफ सेंटर बनाने की योजना
प्रशासन ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का मुख्य उद्देश्य शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को दुरुस्त करना है। खाली कराई गई जमीन पर ठोस कचरा प्रबंधन योजना के तहत एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर और डंपिंग यार्ड स्थापित करने की योजना है। इससे नगर निगम क्षेत्र से निकलने वाले कचरे के संग्रह, पृथक्करण और निष्पादन की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
80-90 वर्षों से रहने का ग्रामीणों का दावा
दूसरी ओर, कार्रवाई से प्रभावित स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अपने पूर्वजों के समय से यहां रह रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक, उनके परिवारों ने करीब 80 से 90 वर्ष पहले जंगल साफ कर यहां बसावट शुरू की थी। अचानक हुई इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों के सिर से छत छिन गई है। टूटे मकानों के बीच खुले आसमान के नीचे बैठे परिवार अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार चलाने वाले लोगों का सवाल है कि अब वे अपने परिवार के साथ कहां जाएं। मकानों के ध्वस्त होने से प्रभावित लोगों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
भूमिहीन परिवारों को नियमानुसार पर्चा देने का भरोसा
मामले में नगर आयुक्त अनिरुद्ध पाण्डेय ने बताया कि अतिक्रमण हटाने से पहले माइकिंग के जरिए लोगों को अस्थायी निर्माण हटाने की सूचना दी गई थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार के नियमों के अनुसार, वास्तविक रूप से भूमिहीन पाए जाने वाले परिवारों के लिए जमीन चिह्नित कर नियमानुसार पर्चा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।