बिहार के पूर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया और सोमवार की अहले सुबह क्षेत्र के कई लोगों, जनप्रतिनिधियों और परिचितों को मैसेज भेजकर दो-दो हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने की मांग की। हालांकि, लोगों की सतर्कता से ठगी की आशंका टल गई।
बनमनखी के प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार का मोबाइल फोन सोमवार की सुबह अचानक हैक हो गया। हैकर्स ने उनके आधिकारिक व्हाट्सएप अकाउंट का दुरुपयोग करते हुए आपातकालीन स्थिति का हवाला दिया और लोगों से तत्काल रुपये भेजने को कहा। सुबह-सुबह प्रखंड विकास पदाधिकारी के नंबर से पैसों की मांग वाला मैसेज मिलने पर लोग हैरान रह गए।
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फर्जी मैसेज मिलने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों को संदेह हुआ। उन्होंने बिना देरी किए बीडीओ अशोक कुमार के निजी नंबर पर फोन कर मैसेज की सच्चाई जाननी चाही। बातचीत के दौरान बीडीओ को उनके नाम पर हो रही ठगी की कोशिश का पता चला। लोगों की सतर्कता के कारण साइबर ठगों की साजिश नाकाम हो गई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद बीडीओ अशोक कुमार ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों को सतर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी से रुपये नहीं मांगे हैं और उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके व्हाट्सएप अकाउंट से भेजे गए पैसों की मांग वाले किसी भी मैसेज पर भरोसा न करें और रुपये ट्रांसफर न करें।
घटना के बाद बीडीओ ने बनमनखी के अनुमंडल पदाधिकारी प्रमोद कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शैलेंद्र प्रीतम को इसकी सूचना दी। पुलिस और साइबर सेल की टीम मामले की तकनीकी जांच में जुटी है। जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि साइबर अपराधियों ने अकाउंट को कैसे हैक किया और इस घटना को कहां से अंजाम दिया। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि किसी परिचित या अधिकारी के नंबर से अचानक पैसों की मांग होने पर रुपये भेजने से पहले फोन कॉल कर उसकी पुष्टि जरूर कर लें।