छात्रों ने भी लॉ छात्राओं के लिए आवाज उठाई।
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जबरन ऑफिस में बंद कर अश्लील हरकत
पिछले महीने पटना की शास्त्रीनगर पुलिस ने पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट निरंजन सिंह को उनके निवास स्थल गजाधर कैलाश अपार्टमेंट से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। लॉ की एक छात्रा ने आरोप लगाया था कि 25 दिनों के इंटर्नशिप के अंतिम दिन सीनियर वकील ने उसके दोस्त को नीचे भेज दिया और जबरन ऑफिस में अपने पास बिठा लिया। फिर दरवाजा बंद करने कहा तो छात्रा ने आपत्ति जताई।
सीनियर एडवोकेट अलका वर्मा ने भी किया समर्थन।
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लॉ छात्रों को सीनियर वकीलों का भी मिला साथ
बुधवार को हाईकोर्ट के पास लॉ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कई सीनियर वकील भी पहुंचे। सीनियर एडवोकेट अलका वर्मा ने बताया कि कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया के लिए जांच और पूछताछ हो रही है। बार काउंसिल कार्रवाई कर रही है। एक कमिटी बनाई गई है। लेकिन, यह प्रदर्शन जरूरी था। गलत के खिलाफ आवाज उठाने वाले भविष्य के वकील आगे आ रहे हैं तो इसपर सभी को साथ देना चाहिए।
छात्रा आयुषी, सत्यम, प्रियंका, माधुरी, सुमित समेत दर्जनों ने मांग रखी कि गाइडलाइन बनाई जाए।
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आरोप, वकील ने खूबसूरत कह गले लगाया था
एफआईआर में छात्रा ने लिखा था, वकील ने मुझे बहुत खूबसूरत बताते हुए गले लगा लिया। फिर आई लव यू भी बोला और यह भी कहा- "इसी कारण मैं आपको रोज देर तक ऑफिस में रोकता था।" छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि सीनियर उसे जबरन बेडरूम मे ले जा रहे थे, कहने लगे- "डरो मत, यही गुरुदक्षिणा है।" किसी तरह वह निकल सकी और दोस्त व आसपास के लोगों की मदद से थाने पहुंची। बुधवार को प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने कहा कि इंटर्नशिप के लिए गाइडलाइन का होना जरूरी है। छात्रा आयुषी सिन्हा, सत्यम राज आदि ने कहा कि इस तरह के केस में जमानत मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आरोपी को सजा देकर सीख दी जानी चाहिए।