बिहार के सहरसा में सिविल कोर्ट परिसर के बरामदे में मंगलवार को दिनदहाड़े एक कैदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद से वहां अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। मृत कैदी का नाम प्रभाकर कुमार बताया जा रहा है। उसे सुनवाई के लिए कोर्ट लाया गया था।
जानकारी के मुताबिक, प्रभाकर कुमार नामक कैदी को सहरसा मंडल कारा से व्यवहार न्यायालय सहरसा पेशी के लिए लाया गया था। वहां पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद कुछ बदमाश भागने में सफल रहे, जबकि एक को मौके वारदात पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
घटना के बाद न्यायालय परिसर सहित आसपास के इलाके में अफरातफरी मच गई और वकील सहित आसपास के लोग भयभीत हो गए। साथ ही पुलिस प्रशासन के सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार पेशी के लिए लाया गया कैदी प्रभाकर कुमार हत्याकांड का प्राथमिक आरोपी था। उसे तत्कालीन बनगांव थाना अध्यक्ष कमलेश कुमार ने सहरसा सुपौल मुख्य मार्ग में चीना पुल के पास से हथियार के साथ गिरफ्तार किया था।
जबकि घटना के समय कोर्ट परिसर में मौजूद चश्मदीद सिपाही कैलाश कर्ण ने बताया कि एसीजे वन के पास से पेशी कराकर कैदी को कोर्ट परिसर के हाजत में ले जा रहे थे। कोर्ट के बरामदे की सीढ़ी से नीचे उतरने के दौरान तीन बदमाशों ने गोली चलानी शुरू कर दी। उस हमले में प्रभाकर कुमार नामक कैदी की गोली लगने से मौत हो गई।
पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि एक मामले में पेशी के लिए कैदी को लाया गया था। जहां पेशी के दौरान गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। कैदी हत्याकांड का आरोपी था। घटना की जांच की जा रही है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एक हथियार और पांच गोलियां बरामद की गई हैं।
इस घटना से बिहार में एक बार फिर कोर्ट परिसर की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। यह हत्याकांड उसी सहरसा में हुआ है, जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की बेटी और चर्चित आईपीएस लिपि सिंह एसपी हैं। बिहार में सुपरकॉप के नाम से चर्चित आईपीएस शिवदीप लांडे भी फिलहाल कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी के रूप में यहीं पोस्टेड हैं।