राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बिहार में जहां क्रास वोटिंग की आशंका जताई जा रही है, वहीं बिहार के सभी चार निर्दलीय विधायकों का मत राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को मिलने के पूरे आसार हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों की रविवार को हुई बैठकों में दो निर्दलीय विधायक भाजपा के साथ दिखे तो दो निर्दलीय जदयू की बैठक में शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि जदयू ने कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया है, जबकि राजद और कांग्रेस ने मीरा कुमार को वोट देने का फैसला किया है।
राष्ट्रपति चुनाव को लेकर रविवार को हुई विधायक दल की बैठकों में आधिकारिक तौर पर तो बिहार की सियासत पर चर्चा नहीं होने की बात कही जा रही है, लेकिन सूत्रों की माने तो विधायकों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 1, अणे मार्ग के लोक संवाद में जदयू विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में निर्दलीय विधायक रिंकू सिंह और अशोक चौधरी भी शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि बैठक में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जदयू विधायकों के बीच मंथन किया गया। बैठक में किसी अन्य मुद्दों पर कोई बातचीत नहीं हुई।
उधर, राजद विधायक दल की बैठक राबड़ी देवी के आवास पर हुई। इसके बाद राजद और कांग्रेस के विधायकों की संयुक्त बैठक शाम को होटल मौर्य में हुई। बैठक में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मंथन होने की बात कही जा रही है। बैठक में चाहे जिस मसले पर चर्चा हो लेकिन बैठक में जाने से पहले नेताओं के बयान सियासी तापमान को बता रहे थे।
जदयू विधायक कविता सिंह ने कहा कि अगर तेजस्वी यादव इस्तीफा दे देंगे तो महागठबंधन के लिए अच्छा होगा। वहीं, जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि आज रविवार है और सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव है। विधायक वोट देंगे और सही समय आने पर हम सही फैसला लेंगे।