बिहार में शराबबंदी के कई सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं लेकिन इससे राज्य में तपेदिक (टीबी) की पता लगाने वाली जांच में अड़चन आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिहार में पिछले साल शराब को प्रतिबंधित किए जाने के बाद से टीबी का पता लगाने संबंधी जांच कठिन कार्य हो गया है।
इसका संज्ञान लेते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाधारहित डायग्नोस्टिक सेवाओं के लिए अल्कोहल की खरीद और इस्तेमाल पर विशेष छूट देने की मांग करते हुए बिहार के स्वास्थ्य विभाग को लिखा है।
मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक जगदीश प्रसाद के मुताबिक इस तरह की जांच में प्रयोग में जाए जाने वाले एथिल अल्कोहल की किल्लत हो गई है। यहां तक कि सरकारी संस्थाओं में भी इसकी किल्लत है।