बिहार में हुई सियासी उठापटक, जदयू-भाजपा गठबंधन की टूट और राजद के साथ नई सरकार के पीछे आखिर कौन है? इसको लेकर तमाम तरह के सवाल हो रहे हैं। इन सबके बीच प्रशांत किशोर सामने आए हैं। उन्होंने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
115 विधायकों वाली पार्टी 43 पर आ गई
प्रशांत किशोर ने कहा, नीतीश कुमार ने 10 सालों में यह छठा प्रयोग किया है। इसका उन्हें नुकसान हो रहा है। 115 विधायकों वाली पार्टी अब 43 पर आ गई है। यह अलग बात है कि वह किसी तरह से सीएम बन जाते हैं। उन्होंने कहा, नीतीश कुमार में कोई ग्रोथ नहीं दिख रही है। जनता अब उनके चेहरे पर वोट नहीं कर रही। वह पालाबदल कर आए हैं तो निश्चित तौर पर चुनाव पर उसका असर पड़ेगा।
जनता देखेगी तेजस्वी कैसे काम करेंगे
प्रशांत किशोर ने कहा, बिहार में तेजस्वी यादव सबसे बड़ी पार्टी के नेता हैं। वे इस गठबंधन को चलाने में अहम भूमिका निभाने वाले हैं। जनता देखेगी कि तेजस्वी यादव नई सरकार में कैसे काम करते हैं। उन्होंने कहा, बिहार में पिछले 10 साल से राजनैतिक अस्थितरता चल रही है। मुझे उम्मीद है कि अब राजनीतिक स्थिरता लौट आएगी। नीतीश कुमार ने कहा है कि वह एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि वह बिहार के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेंगे।