बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गोली मारने की कथित धमकी के आरोप पर प्रशांत किशोर ने सरकार को मुकदमा दर्ज करने की चुनौती दी। उन्होंने अपने बयान का बचाव किया और जन सुराज पर पैसे बांटने के भाजपा के आरोपों को बेतुका बताया।
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर दिए गए कथित बयान पर सियासी विवाद बढ़ गया है। भाजपा की ओर से 'गोली मारने की धमकी' देने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को राज्य सरकार को चुनौती दी कि वह इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करे।
नालंदा जिले में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को संदर्भ से हटाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए। किशोर ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी अशिक्षित हैं और सातवीं कक्षा तक पढ़े हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री का सात लोगों की हत्या के मामले से जुड़ा आपराधिक अतीत रहा है। किशोर ने कहा कि वह हमेशा से न्यायेतर हत्याओं का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्थानीय सांसद या विधायक की शिकायत पर किसी व्यक्ति को अपराधी घोषित कर गोली मार दी जा सकती है, तो यही मापदंड सम्राट चौधरी पर भी लागू होना चाहिए।
इससे पहले शुक्रवार को भाजपा ने प्रशांत किशोर पर मुख्यमंत्री को गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पार्टी ने पूर्व चुनावी रणनीतिकार से माफी मांगने की मांग भी की थी। भाजपा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित वीडियो पर आपत्ति जताई थी, जिसमें किशोर राज्य में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से कथित तौर पर जारी 'एनकाउंटर राज' की आलोचना करते सुनाई दे रहे हैं। पीटीआई इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकी। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मैंने कुछ गलत कहा है, तो सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज करे।
किशोर ने कहा कि वह भाजपा के किसी पदाधिकारी से अपनी पार्टी के बारे में अच्छी बातें कहने की उम्मीद नहीं करते। उन्होंने कहा कि देश और राज्य में सत्ता में रहने वाली तथा बड़े पूंजीपतियों का समर्थन रखने वाली पार्टी का जन सुराज पर पैसे बांटने का आरोप लगाना बेतुका है। उन्होंने कहा कि जो भी इच्छुक हो, वह वीडियो की प्रामाणिकता की जांच करा सकता है।