बिहार के वैशाली के सदर अस्पताल हाजीपुर में अस्पताल कर्मियों की लापरवाही सामने आई है। यहां एक ही शव का दो बार पोस्टमार्टम करने का मामला सामने आया है। सदर अस्पताल के द्वारा शव का पोस्टमार्टम कर दिया गया था। वहीं, नगर थाने के अस्पताल प्रशासन ने शव को मृतक के परिजनों को सौंप दिया था। परिजन शव को लेकर अपने गंतव्य तक जाने के लिए निकल गए थे। तभी रास्ते में ही सदर अस्पताल कर्मी का परिजनों के पास फोन आया। बोला गया कि शव का पोस्मार्टम नहीं हुआ है। उसके बाद परिजन दोबारा सदर अस्पताल पहुंचे जहां शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई।
इस मामले को लेकर लालगंज थाने में तैनात चौकीदार धर्मेंद्र पासवान ने बताया कि डॉक्टर साहब फोन कर बुलाए थे। बोले थे कि सिजर (कैंची) छूट गई है। इसीलिए दोबारा शव को लाया गया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद शव परिजन को दे दिया गया है।
मृतक के परिजन राम विनोद कुमार ने बताया कि शव अस्पताल से रिलीज कर दिया गया था। संबंधित थाने के चौकीदार ने भी लिखित रूप से शव को मुझे सौंप दिया था। लेकर जा रहे थे, उसी दौरान दो नंबर से कॉल आया और बोला गया कि शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। लेकर सदर अस्पताल आइए, जिसके बाद समस्तीपुर जा रहे परिजन लौटकर सदर अस्पताल हाजीपुर पहुंचे। उसके बाद सदर अस्पताल में हंगामा कर दिया। तभी आनन-फानन में शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया गया।
शव समस्तीपुर जिले के विभूति नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलसंडी निवासी दिवंगत शंभु प्रसाद सिंह के बेटे पवन कुमार (28) का था। जो कि लालगंज में एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करता था। पवन कुमार लालगंज जहानाबाद बसंता गंडक नदी में स्नान करने गया था। तभी उसकी डूबने से मौत हो गई थी।
सिविल सर्जन डॉक्टर श्यामनंदन प्रसाद ने बताया कि किसी कारण भूल वश परिजन शव लेकर चले गए थे। उसे फोन करके दोबारा बुलाया गया है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कर शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।