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बिहार के छपरा अपराधियों को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग, दारोगा-सिपाही की हत्या

Tue, 20 Aug 2019 10:23 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा

सार

  • पुलिस की गाड़ी के ड्राइवर ने मोबाइल से कहीं सूचना देनी चाही तो उसे भी मार दी गोली 
  • नट गिरोह के निशाने पर थे दारोगा मिथिलेश कुमार
  • बिहार: सारण के मढ़ौरा बाजार में पुलिस की गाड़ी को घेरकर तीन जवानों को मारीं गोलियां
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बिहार पुलिस पर हमला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बिहार में मढ़ौरा बाजार स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने मंगलवार की रात करीब 7:00 बजे स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने एसआईटी के पुलिसकर्मियों पर भीषण गोलीबारी कर दारोगा मिथिलेश कुमार साह और सिपाही फारूक अंसारी की हत्या कर दी। सिपाही रजनीश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया।

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डीआईजी विजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि मढ़ौरा के अवारी गांव में कुछ अपराधी पहुंचे हुए हैं और किसी बड़े आपराधिक घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। इस सूचना पर एसआईटी को मढ़ौरा भेजा गया। बोलेरो पर एसआईटी की टीम सवार थी। छापेमारी कर पुलिस की टीम जैसे ही एलआईसी कार्यालय के सामने पहुंची, तभी दो स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। करीब 15 मिनट तक अपराधी फायरिंग करते रहे। पुलिसवालों को पोजीशन लेने तक का भी मौका नहीं मिला।

इस घटना को नट गिरोह के द्वारा अंजाम दिए जाने की आशंका है। हालांकि पुलिस ने अभी इसका खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार मिथिलेश कुमार साह नट गिरोह के निशाने पर थे। उन्होंने हाल के वर्षों में नट गिरोह के कई कुख्यात को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

दारोगा ने जैसे ही अपनी पिस्टल निकाली, अपराधियों ने कर दी गोलियों की बौछार

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि शाम में अंधेरा होने को था। एसआईटी के एसआई मिथलेश कुमार के नेतृत्व में टीम छपरा की तरफ लौट रही थी। टीम पुराने एसबीआई चौक के करीब पहुंची थी। सड़क पर पानी होने से बोलेरो की रफ्तार कम थी। तभी अपराधियों ने एसआईटी की बोलेरो को घेर लिया। इससे दारोगा मिथिलेश का अपराधियों के साथ कहा-सुनी हुई।

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इस दौरान दारोगा ने अपनी पिस्टल निकालने का प्रयास किया तभी अपराधियों ने फायर झोंक दी। बोलेरो के ड्राइवर ने मोबाइल निकाल कर कही सूचना देने का प्रयास किया तो अपराधियों ने उसे भी गोली मार दी। संयोग से ड्राइवर को गोली जांघ में लगी और वह वही सीट पर लुढ़क गया।

गोलीबारी में बीच की सीट पर बैठे एक सिपाही को भी गोली लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। थोड़ी देर बाद जख्मी हवलदार हिम्मत कर गाड़ी से बाहर आया और मदद की गुहार लगाने लगा। लेकिन दहशत में लोग पास भी आने से हिचक रहे थे। घटना के समय एक अन्य दारोगा और एक सिपाही भी बोलेरो में मौजूद थे जो किसी तरह से भाग कर अपनी जान बचाई।

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