राजनीतिक रणनीतिकार से कार्यकर्ता बने प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को ट्विटर पर यूजर्स से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नए कार्यकाल पर प्रतिक्रिया मांगी। किशोर ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक ऑनलाइन पोल शुरू किया, जिसमें यूजर्स से हिंदी में उनके सवाल के लिए हां या ना में वोट करने के लिए कहा गया। किशोर ने पूछा, सरकार गठन की दिशा में पिछले 10 वर्षों में नीतीश कुमार का यह छठा प्रयोग है। क्या आपको लगता है कि इस बार बिहार की जनता को फायदा होगा?
जन सुराज अभियान चला रहे किशोर
राजनीतिक सलाहकार समूह आईपीएसी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जन सुराज अभियान चलाने के लिए नई मुहिम शुरू की है। ये बिहार केंद्रित राजनीतिक दल में विकसित हो सकता है। किशोर को नीतीश कुमार के नए कदम पर संदेह है जो भाजपा को छोड़कर राजद, कांग्रेस और वाम दलों के महागठबंधन में शामिल हो गए हैं। किशोर ने पिछले महागठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जो 2015 में अस्तित्व में आया था। लेकिन कुछ वर्षों के भीतर अलग हो गया था। उन्हें सात-आठ पार्टियों के गठबंधन के स्थायित्व पर संदेह है।
प्रशांत का विचार है कि महागठबंधन अधिक से अधिक 2024 के लोकसभा चुनावों तक जीवित रह सकता है। यह एक साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले तक बिखर सकता है। भाजपा की जंगलराज की वापसी के आकलन से परहेज करते हुए किशोर ने राष्ट्रीय राजनीति पर नए गठबंधन के प्रभाव का आकलन करने में सावधानी बरतने की सलाह दी है।