बिहार के नालंदा के ज़िलाधिकारी ने कैलाशपुरी गांव पर उत्पाद क़ानून के तहत सामूहिक जुर्माने का प्रस्ताव दिया है। क़रीब 50 घरों वाले इस गांव के हर घर पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव है। इस संबंध में हर घर को नोटिस भेजा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक़ राज्य में लागू बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016 के तहत सामूहिक जुर्माना लगाने का यह संभवतः पहला प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव की पुष्टि करते हुए नालंदा के ज़िलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने बीबीसी को बताया, ‘‘शराबबंदी के खिलाफ गांव में सामूहिक प्रवृत्ति पाई गई है, इसलिए पहली नज़र में सामूहिक जुर्माने का मामला बनता है।’’
कार्रवाई की वजह बताते हुए ज़िलाधिकारी ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में गांव में पुलिस और उत्पाद विभाग द्वारा तीन बार छापेमारी की गई। लेकिन इसके बावजूद शराब बनाने का सिलसिला थमा नहीं।’’