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Bihar: शराब तस्करी के संदेह में युवक को हिरासत में लेने पर थाने का घेराव, ग्रामीणों ने किया जमकर हंगामा

Wed, 29 Jul 2026 01:43 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

पटना के बाढ़ अनुमंडल स्थित मद्यनिषेध थाने में शराब तस्करी के संदेह में एक युवक को हिरासत में लेने पर ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक हंगामा किया। जांच के बाद युवक को निर्दोष पाते हुए छोड़ दिया गया। पुलिस ने कहा कि गलतफहमी के कारण विरोध प्रदर्शन हुआ।

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मद्यनिषेध थाना का घेराव - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित मद्यनिषेध थाने पर देर रात ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक जमकर हंगामा और नारेबाजी की। यह पूरा मामला पुलिस द्वारा शराब जब्ती के संदेह में एक स्थानीय व्यक्ति को हिरासत में लेने से जुड़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण थाने के बाहर जुट गए और पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए हिरासत में लिए गए व्यक्ति को तुरंत छोड़ने की मांग करने लगे। इस दौरान मद्यनिषेध विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई। बाद में माहौल को शांत कराने के लिए डायल-112 की पुलिस मौके पर पहुंची, जिसने काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति पर काबू पाया।
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गुप्त सूचना पर छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया युवक
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, मद्यनिषेध विभाग की टीम ने देर रात मलाही इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल के समीप गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की थी। इसी दौरान पुलिस ने पास में चिकन की दुकान चलाने वाले अनिल पासवान को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए मद्यनिषेध थाने ले गई।

पत्नी ने लगाया गलत कार्रवाई का आरोप
पति को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही अनिल पासवान की पत्नी सीमा देवी और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। सीमा देवी ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पति पूरी तरह निर्दोष हैं और केवल अपनी चिकन की दुकान चलाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी दुकान के पीछे कुछ अन्य लोग शराब का अवैध कारोबार करते हैं, लेकिन पुलिस ने वास्तविक आरोपियों को पकड़ने के बजाय उनके पति को गलतफहमी में हिरासत में ले लिया। इसी बात से नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में मद्यनिषेध थाने पहुंचे और घेराव कर प्रदर्शन करने लगे।
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जांच के बाद छोड़ दिया गया युवक
इस पूरे मामले पर मद्यनिषेध थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अनिल पासवान को केवल संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए लाया गया था। मामले के सत्यापन और जांच-पड़ताल के बाद उन्हें निर्दोष पाते हुए छोड़ दिया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी, इसी दौरान गलतफहमी के कारण बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा हो गए और हंगामा करने लगे।

 

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