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Bhumi Bihar : भूमि सुधार हो तो कैसे? काम के बोझ का मारा है राजस्व लाने और विवाद निपटाने वाला विभाग

सार

Bihar News : सीएम नीतीश कुमार लगातार कहते थे, लेकिन अब जब से विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग संभाला है तो जमीन विवाद को खत्म करने में हर दिन लगे हैं। लेकिन, जिन्हें काम करना है, वही तो कम हैं।
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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कर्मियों की कमी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग कर्मचारी और अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। इससे जमीन संबंधी कार्य, दाखिल-खारिज, म्यूटेशन, भू-अर्जन और राजस्व वसूली जैसे कार्य प्रभावित होती है। विधानसभा में बजट सत्र के दौरान डिप्टी सीएम सह राजस्व भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिंह ने विभाग में खाली पड़े पदों के आंकड़े पेश किया तो सारी तस्वीर साफ हो गई। विभाग के कर्मी पहले ही दावा करते थे कि राज्य में कर्मचारियों की कमी के कारण जमीन संबंधी कामों के के निपटारे में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। राजस्व कर्मचारी, अमीन अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी समेत कई ऐसे पद हैं जहां पर काफी सीटें खाली पड़ी हैं। हालांकि, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने विधानसभा में यह स्पष्ट कर दिया की अप्रैल 2027 से पहले करीब 16527 पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बहाली के लिए अधियाचना भी भेज रही है। 

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विजय सिन्हा ने विधानसभा में क्या 

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि सरकार इस कोशिश में है कि जल्द से जल्द रिक्त और स्वीकृत पदों पर बहाली कर ली जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े कामों में किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। दाखिल खारिज और परिमार्जन प्लस जैसी सेवाओं को समयबद्ध कर दिया गया है ताकि आम लोगों को बिचौलियों से मुक्ति मिले। नई प्रावधानों के अनुसार, लिपिकीय त्रुटि से लेकर छुट्टी हुई जमाबंदी तक को ऑनलाइन करने के लिए 15 से 75 कार्य दिवस की समय सीमा तय कर दी गई है। वहीं जमीन माफी के लिए 7 से 14 दिन और दाखिल खारिज के लिए 14 दिन की समय सीमा तय की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है। कहीं भी कोई गड़बड़ी करते हुए पाए जाएंगे तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएम ने बताया कि 2027 के अंत तक जमीन सर्वे के काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 31 मार्च 2026 तक 46 लाख आवेदनों को निपटने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। 

 

जानिए क्षेत्रीय स्थापना में क्या स्थिति है?

विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, बिहार के 38 जिलों में 101 अनुमंडल हैं। इनमें अंचलों की संख्या 537 है और हल्क की संख्या 8463 है। वही 45098 राजस्व ग्राम राज्य में हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के क्षेत्रीय स्थापना में अपर समाहर्ता (भू-हदबंदी) के 18 स्वीकृत पदों में 6 पद रिक्त हैं। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के 79 पदों में 52 खाली हैं। भूमि सुधार उप समाहर्ता के 244 पदों में 116 पद रिक्त हैं। अंचल अधिकारी के 804 स्वीकृत पदों में 437 पद खाली हैं। सबसे अधिक कमी राजस्व अधिकारी और राजस्व कर्मचारियों के स्तर पर है। राजस्व अधिकारी के 1684 पदों में 889 पद रिक्त हैं। जिला स्तरीय राजस्व कर्मचारी के 11,775 पदों में 8038 पद खाली हैं। अमीन के 2502 स्वीकृत पदों में 1303 पद रिक्त हैं।
 

जानिए सचिवालय मुख्यालय की स्थिति क्या है?

विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार सचिवालय स्थित राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी है। मुख्यालय में संयुक्त सचिव (BAS) के दो पदों में दोनों रिक्त हैं, जबकि संयुक्त सचिव (BSS) का एक पद रिक्त है। उप सचिव (BAS) का एक पद तथा उप सचिव (BSS) के तीन में से चार कार्यरत दिखाए गए हैं। अवर सचिव के 9 स्वीकृत पदों में 2 रिक्त हैं। सहायक निदेशक (सांख्यिकी) का एक पद रिक्त है। शाखा पदाधिकारी के 25 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 33 कार्यरत दर्शाए गए हैं। सहायक प्रशासनिक पदाधिकारी के 92 पदों में 46 रिक्त हैं। निजी सहायक के 11 पदों में 10 रिक्त हैं। लिपिकीय संवर्ग में भी कई पद रिक्त हैं। निम्न वर्गीय लिपिक के 32 पदों में 14 रिक्त हैं, उच्च वर्गीय लिपिक के 31 पदों में 26 रिक्त हैं। कार्यालय परिचारी के 72 पदों में 55 रिक्त हैं, जबकि चालक के 6 पदों में 1 रिक्त है।

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