संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा 6 मार्च को जारी सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल रिजल्ट के बाद भोजपुर जिले में एक अनोखा विवाद सामने आ गया है। पवना थाना क्षेत्र के खोपिरा गांव की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने परीक्षा में 301वीं रैंक हासिल कर सफलता का दावा किया है, लेकिन इसी रैंक को लेकर दूसरी अभ्यर्थी आकांक्षा सिंह ने भी अपना दावा ठोक दिया है। एक ही रिजल्ट पर दो दावेदार सामने आने से मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बरमेश्वर मुखिया जी की पोती हैं खोपिरा की आकांक्षा
बताया जा रहा है कि खोपिरा गांव की आकांक्षा सिंह, रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे स्व. बरमेश्वर नाथ सिंह उर्फ मुखिया जी की पोती हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने यूपीएससी की प्रारंभिक (प्रीलिम्स) और मुख्य (मेंस) परीक्षा पास करने के बाद इंटरव्यू दिया था, जिसके बाद आयोग ने फाइनल रिजल्ट जारी किया और उसमें उन्हें 301वीं रैंक प्राप्त हुई है।
आकांक्षा ने क्या कहा?
दूसरी ओर, इसी नाम की एक अन्य अभ्यर्थी ने भी इस रैंक पर अपना दावा कर दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आकांक्षा सिंह ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि दूसरा दावा कितना सही है, लेकिन जो रिजल्ट जारी हुआ है वह उनका है। अगर किसी और ने भी दावा किया है तो इस कन्फ्यूजन को दूर करने की जिम्मेदारी यूपीएससी की है।
क्या बोले आकांक्षा के पिता?
वहीं आकांक्षा के पिता इंदुभूषण सिंह ने बेटी की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि रिजल्ट यूपीएससी ने जारी किया है और इसकी सच्चाई स्पष्ट करना भी आयोग का ही काम है। उन्होंने कहा कि मीडिया या सोशल मीडिया में जो बातें सामने आ रही हैं, उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है।
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सबकी नजर यूपीएससी पर टिकी
फिलहाल, एक ही रिजल्ट पर दो दावेदार सामने आने से मामला गर्मा गया है। अब सबकी नजर यूपीएससी पर टिकी है, जो आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद को स्पष्ट कर सकती है।