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UGC Bill : तेज प्रताप यादव यूजीसी बिल के साथ, जदयू का रुख भी आया सामने; केंद्र सरकार को NDA नेता की सीख

Tue, 27 Jan 2026 07:29 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : यूजीसी ने इसी माह नए इक्विटी रेगुलेशंस 2026 लागू किए हैं। इन नियमों का असर केवल विपक्षी दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा और जदयू के भीतर भी बगावत के सुर तेज हैं। वहीं तेज प्रताप यादव ने इसका समर्थन किया है।
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नीरज कुमार और तेज प्रताप यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी इक्विटी रेगुलेशंस 2026 को लेकर देश में सियासी घमासान छिड़ गया है। मोदी सरकार के लिए मुश्किल तब और बढ़ गई जब उनके सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड  ने इन नियमों को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी ने दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि समाज के किसी भी वर्ग की उपेक्षा लोकतंत्र के लिए घातक हो सकती है। हालांकि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भाजपा के पदाधिकारियों ने इन नियमों के विरोध में अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है। उनका कहना है कि सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों का आरोप है कि दंड का प्रावधान हटने से इन नियमों का दुरुपयोग बढ़ेगा और उन्हें निजी रंजिश के तहत निशाना बनाया जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव ने इसका समर्थन किया है। 

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उपेक्षा लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं
जदयू प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने केंद्र सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि समाज के किसी भी तबके में अगर उपेक्षा या नाराजगी का भाव पैदा होता है, तो वह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। जदयू का यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस मामले में पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है और अब एनडीए के भीतर ही दरारें नजर आने लगी हैं।
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कानून इक्विटी रेगुलेशंस 2026 के समर्थन में आए तेज प्रताप यादव 
तेज प्रताप यादव ने कानून इक्विटी रेगुलेशंस 2026 का समर्थन किया है। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यूजीसी द्वारा लाए गए कानून इक्विटी रेगुलेशंस 2026 का स्वागत एवं समर्थन करते हैं। तेज प्रताप यादव ने आगे लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन द्वारा इक्विटी रेगुलेशंस 2026 कानून गरीब, दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा समाज के छात्रों के हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है।

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तेज प्रताप यादव का पोस्ट - फोटो : अमर उजाला
इक्विटी कमेटी बनाने का लक्ष्य निर्धारण सराहनीय कदम
तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि, यह नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के साथ साथ नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनाने का लक्ष्य निर्धारण एक बेहद ही सराहनीय कदम है। इस कानून के मुताबिक ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकार सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। यह कानून विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को एक समानता प्रदान कर, संविधान में विदित समानता और अधिकार को अधिक मजबूती देगा।

अल्पज्ञानियों को दिया ज्ञान 
तेज प्रताप यादव ने कहा कि हम और हमारी पार्टी जनशक्ति जनता दल इस दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यूजीसी द्वारा लाए गए इस ऐतिहासिक कानून का स्वागत एवं समर्थन करते हैं। तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि साथ ही यह भी कहना चाहेंगे कि जो भी लोग इस कानून को सनातन से जोड़ कर देख रहे हैं, शायद उन अल्पज्ञानियों को यह नहीं पता है कि दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज भी सनातन के अंतर्गत ही आता है और ये भी हमारे ही भाई-बहन हैं।

क्या है विवाद की जड़?
यूजीसी ने इसी माह नए इक्विटी रेगुलेशंस 2026 लागू किए हैं। विवाद मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर केंद्रित है। नए नियमों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा के दायरे में लाया गया है। सबसे अधिक विरोध उस बदलाव का हो रहा है, जिसमें झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत दर्ज कराने वालों पर लगने वाले जुर्माने या निलंबन के प्रावधान को हटा दिया गया है।
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