तेज प्रताप यादव का पोस्ट
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इक्विटी कमेटी बनाने का लक्ष्य निर्धारण सराहनीय कदम
तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि, यह नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के साथ साथ नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनाने का लक्ष्य निर्धारण एक बेहद ही सराहनीय कदम है। इस कानून के मुताबिक ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकार सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। यह कानून विश्वविद्यालय और कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को एक समानता प्रदान कर, संविधान में विदित समानता और अधिकार को अधिक मजबूती देगा।
अल्पज्ञानियों को दिया ज्ञान
तेज प्रताप यादव ने कहा कि हम और हमारी पार्टी जनशक्ति जनता दल इस दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज के छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यूजीसी द्वारा लाए गए इस ऐतिहासिक कानून का स्वागत एवं समर्थन करते हैं। तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि साथ ही यह भी कहना चाहेंगे कि जो भी लोग इस कानून को सनातन से जोड़ कर देख रहे हैं, शायद उन अल्पज्ञानियों को यह नहीं पता है कि दलित, आदिवासी और पिछड़ा समाज भी सनातन के अंतर्गत ही आता है और ये भी हमारे ही भाई-बहन हैं।
क्या है विवाद की जड़?
यूजीसी ने इसी माह नए इक्विटी रेगुलेशंस 2026 लागू किए हैं। विवाद मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर केंद्रित है। नए नियमों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा के दायरे में लाया गया है। सबसे अधिक विरोध उस बदलाव का हो रहा है, जिसमें झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायत दर्ज कराने वालों पर लगने वाले जुर्माने या निलंबन के प्रावधान को हटा दिया गया है।