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पटना: टॉप-20 बदमाशों में शामिल रवि गोप की रिहाई में दिखाई जल्दबाजी, जेलर सस्पेंड

Thu, 31 Dec 2020 08:50 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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पटना के टॉप-20 बदमाशों में शामिल रवि गोप - फोटो : सोशल मीडिया
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बिहार की राजधानी पटना के टॉप-20 बदमाशों में शामिल रवि गोप को जमानत पर रिहा करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसका खमियाजा अब जेलर अरविंद कुमार को भुगतना पड़ा। आईजी जेल मिथिलेश मिश्रा ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। दरअसल, जांच में सामने आया है कि जेलर ने रवि गोप को रिहा करने में जल्दबाजी दिखाई, जबकि बाकी कैदियों को देर से रिहा किया गया।

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यह है पूरा मामला

दीघा में रहने वाले रवि गोप पर 50 हजार का इनाम है। एसटीएफ और पुलिस की टीम ने उसे अथमलगोला से उस वक्त पकड़ा, जब वह अपनी प्रेमिका से शादी करने जा रहा था। उसने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने कोई गलती नहीं की। हालांकि, गिरफ्तारी के महज 50 घंटे बाद ही उसे जमानत मिल गई और जेलर अरविंद कुमार ने उसे आनन-फानन में रिहा भी कर दिया।

रिहा करने में हुई गड़बड़ी

जांच में सामने आया है कि जेलर अरविंद जमानत मिलने के बाद बंदियों की रिहाई के समय में एकरूपता नहीं रखते थे। जेल से छोड़ने की कार्रवाई सुबह कैदियों की गिनती के बाद होनी चाहिए, लेकिन जेलर कभी सुबह तो कभी दोपहर तक छोड़ते थे। वहीं, दानापुर एएसपी ने अरविंद कुमार से कहा था कि दानापुर थाने में उस पर हत्या के लिए अपहरण का केस दर्ज है। इसमें वह फरार चल रहा है। इस केस में रिमांड पर लेने के लिए आवेदन दिया जाएगा और 9 दिसंबर को 11 बजे तक रिमांड मिल जाएगी। ऐसे में रवि को नहीं छोड़ें। इसके बावजूद जेलर अरविंद ने नौ दिसंबर को सुबह आठ बजे ही रवि गोप को छोड़ दिया। 

अब नेपाल भाग गया रवि गोप

बताया जा रहा है कि जेल से छूटने के बाद रवि गोप नेपाल भाग गया है। ऐसे में पटना पुलिस और जेल प्रशासन में ठन गई थी। पुलिस के आला अधिकारी इस मामले में जेल प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि जेल प्रशासन कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए रवि गोप को नियमानुसार रिहा करने की बात कह रहा है। ऐसे में पुलिस ने इस पूरे मामले में गृह विभाग को पत्र लिखने का निर्णय लिया है। 
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जेलर पर लगे कई गंभीर आरोप

आईजी कारा एवं सुधार सेवाएं मिथिलेश मिश्रा ने बताया कि उपाधीक्षक अरविंद कुमार पर कई गंभीर आरोप लगे थे। उन्होंने अपराधी रवि गोप को बाकी कैदियों के मुकाबले पहले रिहा कर दिया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, उस दिन अन्य कैदियों को जिस समय रिहा किया गया, उससे पहले रवि गोप को उन्होंने छोड़ दिया। इसके अलावा फुलवारी मंडल कारा के गेट पर काफी अव्यवस्था थी। जांच रिपोर्ट में वहां की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। इन्हीं आरोपों में उपाधीक्षक अरविंद कुमार को निलंबित किया गया है।
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