शहीद हरे राम कुंवर का शव पहुंचा उनके पैतृक गांव
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भोजपुर जिले के नथमलपुर गांव में एक सैनिक की शहादत ने पूरे गांव को गम और गर्व के भाव से भर दिया। देश की रक्षा के लिए तैनात जवान हरे राम कुंवर का पार्थिव शरीर जब उसके पैतृक गांव पहुंचा, तो गांव में सन्नाटा छा गया और हर आंख नम हो गई। शहीद का शव तिरंगे में लिपटा था, जिसे देखकर ग्रामीणों के साथ-साथ परिजन भी भावुक हो उठे।
जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव की गलियों में पहुंचा, भारत माता की जय और “हरे राम कुंवर शहीद अमर रहें” के नारों से माहौल गूंज उठा। शहीद के घर के बाहर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन, खासकर पत्नी, भाई और अन्य रिश्तेदार शव से लिपटकर विलाप करते रहे। पत्नी की चीखें, मां और पिता की नम आंखें और परिजनों का बिलखना हर किसी का कलेजा चीर देने वाला दृश्य था। जिस बेटे को देश की रक्षा के लिए विदा किया गया था, आज वही बेटा तिरंगे में लिपटकर वापस लौटा। ग्रामीणों ने फूल बरसाकर शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
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शहीद हरे राम कुंवर ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए, जिसकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी गांव पहुंचकर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि सरकार शहीद के परिवार के साथ हर कदम पर खड़ी है। शहीद की शहादत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है और आज गांव का हर व्यक्ति खुद को उस वीर सपूत से जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है।