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आईपीएस शिवदीप लांडे: लड़कियों को बांटा अपना नंबर, दुपट्टा ओढ़ आरोपी को पकड़ आए चर्चा में

Wed, 17 Mar 2021 07:54 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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आईपीएस शिवदीप लांडे (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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बिहार कैडर के आईपीएस शिवदीप लांडे फिलहाल महाराष्ट्र में आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) के डीआईजी के रूप में कार्यरत हैं। शिवदीप वामनराव लांडे 2006 बैच के आईपीएस अफसर हैं। इनका जन्म महाराष्ट्र के अकोला जिले के परसा गांव में हुआ था। इनके पिता एक गरीब किसान थे। शिवदीप लांडे की परवरिश बेहद मुश्किल हालातों में हुई।

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परिवार की आर्थिक हालत तो खराब थी ही कोई पढ़ा लिखा न होने से उन्हें रास्ता दिखाने वाले लोग भी नहीं थे। शिवदीप पढ़ने में बहुत तेज थे। स्कॉलरशिप की मदद से शिववदीप लांडे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई में रहकर यूपीएससी की तैयारी की, जिसके बाद उनका यूपीएससी में चयन हो गया। वह बिहार कैडर के आईपीएस चुने गए। 
शिवदीप लांडे की पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके जमालपुर में हुई थी। बिहार की राजधानी पटना के एसपी के तौर पर अपनी अनोखी कार्यशैली की वजह से शिवदीप पूरे देश में मशहूर हो गए। सहरसा जिले में डॉक्टरों के लिए आतंक बन चुके संतोष यादव को शिवदीप लांडे के नेतृत्व वाले एसटीएफ ने धर दबोचा था और यह उनकी बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

 

कभी वो दुपट्टा ओढ़ कर आरोपी को पकड़ लेते तो कभी बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों की मोटरसाइकिल के सामने निडरता से खड़े हो जाते। बिना लाइसेंस दारू की दुकानें चला रहे दुकानदारों की धर-पकड़ और ऐसे कितने ही बड़े कारनामों को अंजाम देने की वजह से ही आईपीएस अफसर शिवदीप लांडे की गिनती सुपर कॉप के तौर पर होती है। कहा जाता है कि बिहार की राजधानी पटना में जब शिवदीप लांडे की पोस्टिंग हुई तो वो अपराधियों और गैरकानूनी काम करने वालों पर कहर बनकर टूटे।

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लड़कियों को बांटा नंबर
बिहार में शिवदीप लांडे के नाम कई कारनामे दर्ज हैं। खासकर सड़क छाप लफंगों पर इनकी सख्ती ने कॉलेज और स्कूल की लड़कियों के बीच इनकी छवि हीरो की बना दी थी। मनचलों को सबक सिखाने और लड़कियों को मदद के लिए किसी भी समय उपलब्ध रहने के लिए उन्होंने अपना निजी मोबाइल नंबर लड़कियों के बीच बांट दिया था। नतीजा यह हुआ कि राजधानी की सड़कों से मनचलों का धीरे-धीरे सफाया हो गया क्योंकि एक शिकायत पर शिवदीप लांडे खुद मनचलों को सबक सिखाने पहुंच जाया करते थे।

शिवदीप लांडे अपराधियों से सीधे लोहा लेने के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि जब बिहार के रोहतास में वो पुलिस कप्तान की भूमिका में थे तब अवैध खनन माफियों से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। माइनिंग माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए शिवदीप अवैध खनन की मशीनें जब्त करने निकले थे और अचानक अपराधियों ने उनपर फायरिंग कर दी। बहादुर आईपीएस अफसर ने अपनी जान की परवाह किये बिना डटकर माफियाओं का सामना किया। कहा जाता है कि करीब 30 राउंड फायरिंग उस दौरान हुई थी। बाद में शिवदीप ने खुद जेसीबी मशीन संभाली और अवैध खनन के सारे जुगाड़ को तहस-नहस कर दिया। इस दौरान 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

दुपट्टा पहन आरोपी को पकड़ा
जनवरी, 2015 में शिवदीप पटना के डाक बंगला चौराहे पर घूस मांग रहे इंस्पेक्टर सर्वचंद को फिल्मी अंदाज में दुपट्टा ओढ़कर पकड़ने के मामले में चर्चा में आए थे। यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सर्वचंद पर आरोप था कि वह पटना के दो व्यापारी भाइयों से एक पुराने केस को खत्म करने के लिए पैसे मांग रहे थे। इन दोनों भाइयों ने इसकी जानकारी तत्कालीन एसपी शिवदीप लांडे को दी। इसके बाद लांडे भेष बदलकर टी-शर्ट पहने और सर पर दुपट्टा लपेटे इंस्पेक्टर सर्वचंद का डाक बंगला चौराहे पर इंतजार करने लगे।

सर्वचंद जैसे ही घूस का पैसा लेने के लिए वहां पहुंचे, शिवदीप ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, सबूतों के अभाव में थोड़ी ही देर में सर्वचंद्र को छोड़ भी दिया गया। शिवदीप अपनी दबंग स्टाइल की वजह से युवाओं के बीच खासे चर्चित हैं। यूथ उन्हें ‘दबंग’ और ‘सिंघम’ नाम से बुलाते हैं। 

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