राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव सिंगापुर में हैं। पटना में उनकी पत्नी राबड़ी देवी और दोनों बेटे हैं। विधान परिषद् चुनाव का बिगुल बजे काफी दिन गुजर गए। नामांकन पर्चा दाखिल करने का समय एक से आठ जून तक है। पांच दिन बीत जाने के बाजवूद राजद की ओर से एक पद के लिए उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की गई है। अब तक विचार विमर्श ही चल रहा है। उम्मीदवार राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को फाइनल करना है। यही चीज उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। सूत्र बता रहे हैं तेजस्वी यादव के लिए पार्टी और परिवार में किसी एक को उम्मीदवार बनाना काफी मुश्किल साबित हो रहा है।
इधर, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने राज्यसभा चुनाव में मदद के बदले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से एक एमएलसी सीट की मांग कर दी है। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने साफ तौर पर कहा कि पिछले राज्यसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने महागठबंधन का समर्थन किया था। उन्होंने दावा किया कि उस समय तेजस्वी यादव ने वादा किया था कि भविष्य में वह एआईएमआईएम के हितों का ख्याल रखेंगे। विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि अब समय आ गया है कि तेजस्वी अपना वादा पूरा करें। हमारे पास अकेले दम पर सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक नहीं हैं। अगर राजद भविष्य में हमारा सहयोग चाहती है, तो उसे यह सीट हमें देनी होगी।
राजद के दो एमएससी का कार्यकाल समाप्त हो रहा
बिहार विधान परिषद में विधानसभा कोटे की नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव की तारीख 18 जून को घोषित की गई है। जिन 9 सीटों पर चुनाव होना है, उनके सदस्यों का कार्यकाल इस महीने खत्म हो रहा है। वर्तमान में इनमें से छह तो एनडीए की है, बाकी तीन विपक्ष की सीटें हैं। राजद से एमएलसी सुनील सिंह और मोहम्मद फारूक का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जबकि कांग्रेस के समीर कुमार सिंह का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। संख्या बल के हिसाब से राजद के पास महज एक सीट ही आएगी। इस पर उम्मीदवार तय करना तेजस्वी यादव के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।