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Satta Ka Sangram: बेरोजगारी और पलायन को युवाओं ने बताया बड़ा मुद्दा, किसी को NDA तो किसी को महागठबंधन से आस

Tue, 04 Nov 2025 12:52 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा

सार

Bihar Vidhan Sabha Chunav 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है। इसीक्रम में आज चार नवंबर को अमर उजाला का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ नालंदा पहुंचा। सुबह चाय पर स्थानीय लोगों से चर्चा की गई। दोपहर में युवाओं से बात हुई। चलिए जानते हैं किसने क्या कहा? 
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नालंदा की हवा इन दिनों सिर्फ मिट्टी की महक नहीं, बल्कि चुनावी जोश से भी सराबोर है। धान की बालियों के बीच अब राजनीति की फुसफुसाहट गूंज रही है, चौपालों पर बहसों की गर्मी है, गलियों में नारों की गूंज है, और हर चेहरे पर एक ही सवाल लिखा है, “किसके हाथ लगेगी सत्ता की चाबी?” जब ‘अमर उजाला’ का चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ नालंदा की धरती पर पहुंचा, तो लगा जैसे लोकतंत्र की सबसे सशक्त धड़कन यहीं धड़क रही हो। सुबह चाय पर चर्चा के कार्यक्रम के बाद दोपहर में युवाओं से बात की गई। चलिए बता रहे हैं इस बीच किसने क्या कहा..?

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चाय पर चर्चा
'डबल इंजन की सरकार ने यहां काफी काम किया है'
सुबह चाय की चर्चा पर यहां के स्थानीय निवासी अर्पित कुमार सिन्हा कहते हैं कि कोई संशय नहीं है। एनडीए के प्रत्याशी की जीत तय है। केंद्र में एनडीए की सरकार है। यहां लंबे समय से नीतीश का प्रभाव रहा है। काम भी बहुत हुआ है। सड़कें अच्छी बनी हैं। विकास लोगों को दिखता है, इसमें कोई संशय नहीं है। पूरे बिहार में यातायात के लिए रोड की जरूरत थी, डबल इंजन की सरकार ने इसे पूरा किया है। पहले हम सड़कों पर चलते थे तो शाम तक जिला और राज्य मुख्यालय पर नहीं पहुंच पाते थे। आज तीन से चार घंटे में आप कहीं भी पहुंच सकते हैं। रोजगार के मुद्दों पर सिन्हा कहते हैं कि रोजगार का सृजन हुआ है। मेरे मोहल्ले में 50 लोगों को काम मिला है। एनडीए का दबदबा है।

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'लाठी की सरकार नहीं चाहिए'
वहीं, अरुण कुमार कहते हैं कि यहां NDA के आलावा कोई नहीं दिख रहा है। अच्छी सरकार है। और इससे अच्छी कोई सरकार समझ में हमें नहीं आता है। लालू राज जैसे बुरे दिन हमने नहीं देखेगा। अगर नीतीश रहेंगे तो आने वाले समय में और भी बहुत कुछ होगा। लालू का सरकार लाठी की सरकार है। हम अब नहीं चाहते हैं कि उनकी सरकार आए। हम देख रहे हैं कि जो योग्य है वो कहीं न कहीं नौकरी पा ही लेता है। नौकरी करने में पलायन क्या बात है? यदि आप केंद्र के साथ काम करेंगे तो क्या दूसरे राज्य नहीं जाएंगे आप? तो ये कैसे पलायन हुआ।

'एकदम घूमिए कोई डर नहीं है'
चाय पर चर्चा करते हुए प्रह्लाद कहते हैं कि नीतीश जो भी काम कर रहे हैं, वो अच्छा कर रहे हैं। अब डर नहीं है। बेटियां आराम से घर आ-जा रही हैं। एकदम घूमिए, पूरी आज़ादी है। कहीं डर नहीं है। नीतीश की उम्र को लेकर किए गए सवाल पर वो कहते हैं कि नीतीश सिर का ताज हैं, शान हैं। महिलाएं और बेटियां सब खुश हैं। दस-दस हजार रुपये जो मिल रहे हैं, उसको रिश्वत जो कह रहे हैं, उन्हें कहने दीजिए। जिसको जो मिलना है, वो मिलेगा।

'नौकरी की कमी है, वो सब मिलेगी'
सतीश कुमार गुप्ता कहते हैं कि नीतीश कुमार बुजुर्ग हो गए हैं, लेकिन काम करने का जज़्बा उनमें है। उनमें लीडरशिप है। वो काम कर रहे हैं। कुछ वर्षों से सब कुछ ठीक चल रहा है। नौकरी की कमी है, वो सब मिलेगी। थोड़ा इंतज़ार करेंगे। बहुत दिनों से मेरा देश गरीबी में है, थोड़ा और इंतज़ार करेंगे।

युवाओं से चर्चा

 'तेजस्वी ने युवाओं की चिंता की'

युवा लव कुमार कहते हैं, अबकी बार तेजस्वी सरकार। वजह बताई कि युवाओं को नौकरी देने का जो वादा किया है। वहीं, पास खड़े एक अन्य युवा ने कहा कि तेजस्वी ने हर घर में नौकरी देने की बात कही है। युवाओं की चिंता की है। जबकि प्रियांशु कुमार कहते हैं, जो भी नेता आता है, सिर्फ वोट मांगता है। काम कोई नहीं कर रहा है। शिक्षा का स्तर बहुत कमजोर है, सिर्फ नेता बातें करते हैं, काम नहीं करते। यूपी में सुधार हुआ है, लेकिन यहां कोई सुधार नहीं कर रहा है। किसी का ध्यान इस ओर नहीं है। जो सरकार शिक्षा और व्यवस्था का सुधार करेगी, उसे वोट देंगे। जनसुराज पार्टी में मुझे थोड़ा भरोसा है। नई पार्टी है। ये दोनों सरकारें पैसा देकर महिलाओं के वोट मांग रही हैं।

रोहित कहते हैं कि बिहार में लड़ाई बहुत होती है। हम लोग पढ़ाई में सुधार चाहते हैं। स्कूलों में व्यवस्था नहीं है। बिहार में नौकरी के नाम पर घूसखोरी चल रही है।

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'घूसखोरी के बिना काम नहीं होता है'
मोनू रावत कहते हैं, यहां 4361 पोस्ट में भर्ती निकली थी। एसएससी ने भी भर्ती निकाली है। सरकार भर्ती निकाल रही है। यदि आप पढ़ेंगे नहीं, तो कहां से नौकरी मिलेगी। यहां हमेशा गठबंधन की ही सरकार रहेगी। आनंद राज कहते हैं कि तेजस्वी की सरकार मुझे सही लगती है, जो विकास करेगी। किसी भी कार्यालय में चले जाइए, घूसखोरी के बिना काम नहीं होता है। तेजस्वी यादव हमें ठीक लगते हैं, जो इसे खत्म करेंगे।

जनसुराज पर टिकी उम्मीदें,  RJD समर्थकों ने किया विरोध 
वहीं, एक अन्य युवा ने कहा कि जनसुराज ठीक है। सबको मौका दिया गया है। अब इस बार जनसुराज को मौका दिया जाए। हम तीसरे मोर्चे का नाम ले रहे हैं। पहले से अब बेहतर है। पहले लड़कियां घर से पढ़ने के लिए नहीं निकलती थीं, लेकिन अब देखिए। हालांकि, अन्य समर्थकों ने इस दौरान जनसुराज का पक्ष लेने वाले युवा को रोकने का प्रयास किया। कटाक्ष किया। फिर भी प्रशांत किशोर समर्थक युवा ने कहा कि जनसुराज से उम्मीद है कि बिहार में वो आकर सुधार करेंगे। वहीं, RJD समर्थक युवाओं ने कहा कि 14 नवंबर को महागठबंधन की सरकार बनेगी। 



 

 

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