सासाराम नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 16 स्थित कृष्णा नगर के लोगों का गुस्सा रविवार को सड़क पर फूट पड़ा। लगभग दो दशक से जलजमाव और टूटी सड़कों की समस्या झेल रहे स्थानीय निवासियों ने कीचड़ भरी सड़क पर धान की रोपाई कर विरोध जताया। यह दृश्य किसी खेत का नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्र की सड़क का था, जहां पानी और दलदल के कारण जीवन बेहाल हो गया है।
स्थानीय महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या में भागीदारी के साथ हुए इस अनोखे प्रदर्शन में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नाराजगी दिखाई दी। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द सड़क और नाले का निर्माण नहीं हुआ तो वे आगामी चुनावों में वोट का बहिष्कार करेंगे।
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‘दो दशक से सड़क और नाले का इंतजार’
कृष्णा नगर के धनपुरवा मौजा में सड़क और नाले के अभाव ने आम जनजीवन को मुश्किलों से भर दिया है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि न तो आज तक यहां सड़क का निर्माण हुआ, न ही जल निकासी की कोई व्यवस्था। बरसात आते ही इलाका तालाब में तब्दील हो जाता है और कीचड़ भरी सड़कें दलदल का रूप ले लेती हैं।
महिला प्रदर्शनकारी ज्योति रानी ने बताया कि बारिश के दिनों में जलीय जीव घरों में घुस जाते हैं और उनके काटने का खतरा बना रहता है। वहीं, काशीनाथ तिवारी ने कहा कि सड़क और खेत में कोई अंतर नहीं रह गया है, बच्चों को कंधे पर उठाकर स्कूल पहुंचाना पड़ता है।
नेता करते हैं वादे, लेकिन हर बार मिलती है निराशा
अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इलाके के लोग कई बार मेयर, वार्ड पार्षद और नगर आयुक्त तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि न सिर्फ सड़क और नाले का अभाव है, बल्कि बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगी है, जिससे अंधेरे में लोग पानी से भरी सड़कों पर गिरकर घायल हो रहे हैं।
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‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हर चुनाव में नेता सड़क बनाने का वादा करते हैं, लेकिन जीतने के बाद इलाके की सुध लेने कोई नहीं आता। लोगों ने साफ कहा कि अगर अब भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आगामी चुनावों में वे वोट का बहिष्कार करेंगे।