महात्मा बुद्ध की मूर्ति खंडित कर की गायब
- फोटो : अमर उजाला
सासाराम के ऐतिहासिक चंदतन पहाड़ी पर स्थापित महात्मा बुद्ध की प्रतिमा असामाजिक तत्वों का निशाना बन गई। प्रतिमा को न केवल खंडित किया गया बल्कि पूरी तरह से हटा दिया गया है। अब वहां सिर्फ प्रतिमा का आधार यानी चरण पादुका ही शेष रह गया है। इस घटना से शहरवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
शहर में रोष, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
महात्मा बुद्ध की प्रतिमा खंडित होने की खबर फैलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचने लगे। विभिन्न संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। रोहतास पुलिस प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी तेज कर दी गई है। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
भीम आर्मी ने घटना की कड़ी निंदा की
भीम आर्मी के नेता अमित पासवान ने इस घटना को समाज के सौहार्द को बिगाड़ने वाला कृत्य बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने कई दशक पहले 300 फीट ऊंची चंदतन पहाड़ी पर महात्मा बुद्ध की प्रतिमा स्थापित की थी। यहां हर वर्ष पेंटिंग और लेखन प्रतियोगिताओं सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते थे। लेकिन अब इस प्रतिमा को नष्ट कर दिया गया है, जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और प्रशासन पर भरोसा रखने की अपील की। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार वैभव ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उन्होंने कहा कि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जल्द ही दोषियों को पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रशासन ने घटना के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखी जा रही है। वहीं, शहर के बुद्ध अनुयायियों और स्थानीय संगठनों ने मांग की है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक स्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करे और मूर्ति को पुनः स्थापित किया जाए। प्रशासन इस दिशा में भी विचार कर रहा है।