फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: स्वच्छता और जल प्रबंधन में बिहार की बड़ी उपलब्धि, SDG-6 में देश के शीर्ष राज्यों में तीसरा स्थान

Sun, 08 Mar 2026 09:17 PM IST
Himanshu Priyadarshi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna News: नीति आयोग की एसडीजी-6 रैंकिंग में बिहार 98 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यशाला में राज्य की प्रगति, महिलाओं की भागीदारी और लैंगिक समानता को मजबूत करने की जरूरत पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी तथा अन्य - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नागरिकों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने और स्वच्छता के क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग की ओर से वर्ष 2023–24 के लिए जारी सतत विकास लक्ष्य-6 (एसडीजी-6) रैंकिंग में बिहार 98 अंकों के साथ देश के शीर्ष राज्यों में तीसरे स्थान पर रहा है। इसके साथ ही राज्य ने अपने समग्र एसडीजी स्कोर को 2018–19 में 48 से बढ़ाकर 2023–24 में 57 तक पहुंचा लिया है। इस प्रगति के बाद बिहार ‘उम्मीदवारी’ से आगे बढ़कर ‘प्रदर्शक’ की श्रेणी में पहुंच गया है।

विज्ञापन

 
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यशाला
इन उपलब्धियों की जानकारी रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान दी गई। पटना स्थित एलएन मिश्रा आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बिहार ने एसडीजी सूचकांकों में तेज गति से प्रगति दर्ज की है।
 
सरकारी प्रयासों और योजनाओं का असर
डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि राज्य की यह सफलता योजनाओं के निरंतर क्रियान्वयन और जेंडर संतुलन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने एसडीजी-5 यानी लैंगिक समानता सहित गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े लक्ष्यों के सूचकांकों का आकलन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने तथा निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भूमिका मजबूत करने के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीति बनाने की जरूरत बताई।
विज्ञापन

 
लैंगिक समानता के क्षेत्र में भी सुधार
कार्यशाला के दौरान यूनिसेफ एक्सपर्ट मनोज नारायण ने पावरपॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से एसडीजी सूचकांकों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बिहार ने 2018–19 से 2023–24 के बीच एसडीजी-5 यानी लैंगिक समानता के क्षेत्र में अपने स्कोर में 20 अंकों की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि यह प्रगति राज्य सरकार की कई नीतिगत पहलों का परिणाम है।
 
महिलाओं के लिए आरक्षण और योजनाओं का योगदान
मनोज नारायण ने बताया कि ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत तथा सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था, मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना, ‘सात निश्चय’ पहल और जीविका जैसे कार्यक्रमों ने महिलाओं के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन पहलों के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा मिला है।

पढ़ें- Bihar: पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करने की तैयारी, 50 ड्रोन खरीदने की योजना को 24.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति
 
जेंडर संवेदनशील समाज बनाने पर जोर
कार्यशाला में महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए चल रही नीतियों और कार्यक्रमों को और मजबूत करने से जुड़े कई सुझाव भी सामने आए। प्रतिभागियों ने बिहार में अधिक समावेशी, असमानता विहीन और जेंडर के प्रति संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प दोहराया।
विज्ञापन

 
चुनौतियों और समाधान पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान लिंग आधारित हिंसा, आर्थिक अवसरों तक असमान पहुंच और महिलाओं के अवैतनिक केयर कार्यों की असमानता जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने अंतर विभागीय समन्वय, जेंडर बजट, जेंडर-सेंसिटिव योजना निर्माण और डाटा आधारित नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि राज्य में लैंगिक समानता से जुड़े प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सके।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें