बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास को लेकर चल रहे हंगामा के बीच बगैर नाम लिए अपनी बात रख दी है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बंगले को लेकर विपक्ष के आरोपों का भी जवाब दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि वह खुद सरकारी बंगले से बाहर निजी आवास में लंबे समय तक रहे, लेकिन कभी आवास को लेकर ऐसा हंगामा नहीं मचाया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज शेखपुरा और मुजफ्फरपुर दौरे पर हैं। मंगलवार दोपहर शेखपुरा में उन्होंने 'सहयोग' शिविर का शुभारंभ किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने लालू परिवार पर जमकर हमला बोला। सम्राट चौधरी ने कहा कि कुछ लोग सरकारी बंगले को अपनी विरासत समझते हैं, जबकि लोकतंत्र में ऐसा नहीं चलता। मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि मां को एक घर चाहिए और बेटे को दूसरा। यह कोई राजशाही नहीं है।
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सम्राट चौधरी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से वह सरकारी बंगले में नहीं रहे हैं और अपने निजी आवास में ही निवास करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह तभी 1, अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में काम करने के लिए तैयार हुए, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके लिए आग्रह किया।
नीतीश कुमार की तारीफ, कहा- पद छोड़ते ही खाली कर दिया आवास
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने पद छोड़ने के बाद तत्काल मुख्यमंत्री आवास खाली कर एक उदाहरण पेश किया। उन्होंने कहा कि जिस दिन मेरे नेता मुझसे पद छोड़ने को कहेंगे, मैं बिना एक पल गंवाए अपना सामान बांधकर वहां से निकल जाऊंगा।"
बंगले को बपौती समझने वालों पर साधा निशाना
सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी संपत्ति किसी की निजी विरासत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, "कुछ लोग सोचते हैं कि सरकारी बंगला उनकी बपौती है। मां के लिए एक घर और बेटे के लिए दूसरा घर चाहिए। बिहार में राजशाही नहीं, लोकतंत्र चलता है।"