रोहतास जिले के करगहर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को पुलिस जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप का एक अजीब मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, सासाराम नगर थाना क्षेत्र के फजलगंज में शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में दो अपराधी घायल हो गए थे। इसके बाद अपराध में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करगहर थाना क्षेत्र के पटवाडीह गांव पहुंची पुलिस को कांग्रेस प्रत्याशी और करगहर के विधायक संतोष मिश्रा के विरोध के कारण लौटना पड़ा। इस घटना से कई सवाल उठ रहे हैं और विधायक पर अपराधियों को बचाने का आरोप लग रहा है।
पुलिस जांच अभियान से नाराज हुए विधायक
रोहतास के पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ चल रही छापेमारी के दौरान पुलिस को पटवाडीह गांव में एक आरोपी के मौजूद होने के तकनीकी साक्ष्य मिले थे। इसी आधार पर गांव में कई घरों की जांच की जा रही थी। इस दौरान एक घर में विधायक संतोष मिश्रा भी मौजूद थे। जब थाने के पदाधिकारियों ने उनसे जांच में सहयोग करने का अनुरोध किया, तो वे नाराज होकर विरोध करने लगे। इसके चलते इलाके का सघन जांच अभियान अधूरा रह गया।
पुलिस ने आम लोगों से सहयोग की अपील की
इस घटना के बाद एसपी रौशन कुमार ने आम लोगों से अपील की कि किसी भी तलाशी अभियान में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि सासाराम के फजलगंज इलाके में आपसी विवाद में गोलीबारी हुई थी। इस मामले में अब तक पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनके ठिकानों से पुलिस ने छह लाख रुपये नकद, हथियार और तीन चारपहिया वाहन बरामद किए हैं।