शादी का सपना लेकर बिहार पहुंचे मध्य प्रदेश के एक युवक की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब शादी के महज कुछ घंटों बाद ही उसकी नवविवाहिता पत्नी ढाई लाख रुपये और गहने लेकर फरार हो गई। यह घटना सासाराम नगर थाना क्षेत्र के धर्मशाला मोड़ स्थित एक लॉज में घटित हुई, जहां पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलासर गांव निवासी मोनू राज शिवहरे ने बिहार के तिलौथू निवासी काजल कुमारी से विवाह किया था। यह रिश्ता एक स्थानीय दलाल के माध्यम से जुड़ा था, जिसमें मोनू ने ढाई लाख रुपये नकद देकर शादी तय की थी। मंगलवार की शाम को विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद, नवविवाहिता दुल्हन टॉयलेट जाने के बहाने कमरे से निकली और फिर कभी वापस नहीं लौटी।
दुल्हन के साथ गायब हुआ फर्जी परिवार
शादी के बाद जब दुल्हन काफी देर तक कमरे में नहीं लौटी, तब दूल्हे और उसके परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। इसी बीच लड़की के साथ आए कथित चाचा, मामा और बहन भी मौके से लापता हो गए। जल्द ही यह साफ हो गया कि मोनू को एक संगठित गिरोह द्वारा ठगा गया है।
यह भी पढ़ें- Bihar: अब सरकारी शिक्षक बना डॉक्टर, सोशल मीडिया पर इलाज की तस्वीरें वायरल; स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
थाने पहुंचा दूल्हा, नकली चाची हिरासत में
घटना के बाद रोते-बिलखते मोनू राज शिवहरे सासाराम नगर थाने पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की और दूल्हे की निशानदेही पर एक संदिग्ध महिला राजो देवी को हिरासत में लिया है, जो करगहर थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है।
स्थानीय महिला की भूमिका आई संदेह के घेरे में
इस पूरे मामले में तकिया मोहल्ला निवासी पिंकी देवी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। पीड़ित मोनू के अनुसार, पिंकी देवी ने ही शादी कराने की एवज में उससे ढाई लाख रुपये नकद लिए थे और पूरे फर्जी आयोजन को अंजाम दिया। पीड़ित ने बताया कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र में लड़कियों की भारी कमी है, जिसके चलते कई युवक आजीवन अविवाहित रह जाते हैं। इसी कमी का फायदा उठाकर दलालों ने उन्हें बिहार आकर शादी करने का झांसा दिया था।
गिरोह की सक्रियता से परेशान है पुलिस प्रशासन
सासाराम सहित आसपास के क्षेत्रों में इस तरह के शादी कराने वाले गिरोह की सक्रियता पहले भी उजागर हो चुकी है। ये गिरोह गरीब लड़कियों को पैसे के लालच में इस्तेमाल करते हैं और उन्हें फर्जी परिवार बनाकर दूसरे राज्यों में 'दुल्हन' के रूप में भेजते हैं। शादी के बाद, लड़की और उसके तथाकथित परिजन दूल्हे के पैसे और गहने लेकर फरार हो जाते हैं।
यह भी पढ़ें- Accident Today: तेज रफ्तार ट्रैक्टर पुनपुन नदी पुल की रेलिंग तोड़कर 100 फीट नीचे गिरा, चालक की मौके पर मौत
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। सासाराम नगर थाना पुलिस का कहना है कि पूछताछ और सबूतों के आधार पर जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। मामले का खुलासा होते ही शहर में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे मासूम लोग धोखेबाज गिरोहों के जाल में फंस रहे हैं।