राज्य की राजनीतिक गलियारों में रोहिणी आचार्य के हालिया बयान ने एक बार फिर हलचल मचा दी है। बिना किसी का नाम लिए रोहिणी ने सोशल मीडिया पर अपने भाई और राजद नेता तेजस्वी यादव पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि बड़ी विरासत को मिटाने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, अपने ही काफी होते हैं। उनका इशारा अहंकार और बहकावे में आकर परिवार की पहचान और वजूद को खत्म करने की कोशिश की ओर था।
रोहिणी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी 'बड़ी विरासत' को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, 'अपने' और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी 'नए बने अपने' ही काफी होते हैं। हैरानी तो तब होती है, जब 'जिसकी' वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर 'अपने' ही आमादा हो जाते हैं।" आगे उन्होंने लिखा, "जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है, तब 'विनाशक' ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है।"
यह भी पढ़ें- Bihar Crime: आरा सिविल कोर्ट में दहेज केस की सुनवाई के दौरान हिंसा, हमले से महिला गंभीर घायल; मची अफरातफरी
हाल के दिनों में रोहिणी के कई पोस्टों और बयानों ने बिहार की राजनीति में चर्चाओं को जन्म दिया है। इससे पहले भी उन्होंने पार्टी के आंतरिक मामलों और नेतृत्व पर तीखे कमेंट किए थे। अब यह माना जा रहा है कि यह पोस्ट राजद के भीतर चल रही खींचतान और नेतृत्व को लेकर असंतोष का संकेत है।