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Bihar News : सदगुरु जग्गी वासुदेव फिर छाए चर्चा में, स्वागत करते हुए अब किसने कसा तंज? सरकार को भी जमकर कोसा

Sat, 27 Jun 2026 11:33 AM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Bihar : राजधानी पटना में अभी मोक्ष द्वार की खूब चर्चा हो रही है। चर्चा  सदगुरु जग्गी वासुदेव की भी हो रही है, लेकिन इससे जुड़े कई आरोप अब बिहार सरकार और ईशा फाउंडेशन पर भी उठ रहे हैं। 
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सदगुरु जग्गी वासुदेव के साथ रोहिणी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोहिणी आचार्या ने आज सोशल मीडिया पर आकर सदगुरु जग्गी वासुदेव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर हमला किया। उन्होंने राजधानी में बने एशिया के सबसे बड़े श्मशान घाट को लेकर दोनों को आड़े हाथों लिया। 

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आइए ना हमरा बिहार में! करवाइए महंगा अंतिम संस्कार जग्गी के प्यार में!
रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि, "आइए ना हमरा बिहार में! करवाइए महंगा अंतिम संस्कार जग्गी के प्यार में! ₹1 में देश के सबसे घनी आबादी वाले राज्य बिहार में करोड़ों की ज़मीन खरबपति मोदी-मित्रों में बाँटने वाली तिलिस्मी बंदरबांट नीति का आविष्कार किस क्रोनी कैपिटलिज़्म के पुरोधा ने किया है? इस भ्रष्ट नीति का आधार बिहार का उद्धार है या अधिकारियों-मंत्री को मिले उपहार ? इस बिहार नोंच खरोंच खाओ योजना या ज़मीन बंदरबांट योजना में बिहार के गृह, कुटीर, मध्यम आकार के उद्योग या निर्माण क्षेत्र के बड़े उद्योग को भूमि मिल सकती है या इसमें सिर्फ़ मोदी-मित्रों का आरक्षण है?
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क्या श्मशान घाट भी भाजपा की बंदरबाट की नीति का हिस्सा बन गए हैं ? 
रोहिणी आचार्या ने आगे लिखा है कि, "अब अपने बिहार की राजधानी पटना के श्मशान घाट भी आध्यात्मिक आउटसोर्सिंग के दौर में हैं। लगता है सरकार को अपने और अपने विभागों से ज़्यादा भरोसा बाहरी सरकारी - कारोबारी बाबाओं पर है !! अपनी बदजुबानी, अपनी नरसंहारी पृष्ठ्भूमि, अपने फर्जी जन्म - प्रमाणपत्र, अपनी फर्जी डिग्री, फर्जी मुठभेड़ का आदेध देने के लिए कुख्यात बिहार के मुख्यमंत्री से बिहार की जनता जानना चाहती है कि "क्या सरकारी के द्वारा मुहैय्या कराए जाने वाली जन - सुविधाएं - व्यवस्थाएं अब सिर्फ़ निजी हाथों में हस्तांतरण के लिए ही बची हैं ? और क्या श्मशान घाट भी भाजपा की बंदरबाट की नीति का हिस्सा बन गए हैं ? "
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जिम्मेदारी कम करो, हस्तांतरण ज़्यादा करो
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला करते हुए रोहिणी आचार्या ने लिखा है, "बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को हाफिडिफिट के माध्यम से ये बताना चाहिए कि ये शासन का कैसा , कौन सा मॉडल है जिसमें अब श्मशान घाट का प्रबंधन भी ब्रांडेड बाबा के भरोसे है ? कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों का अंतिम संस्कार भी धीरे-धीरे दूसरों के हवाले, दूसरों के हाथों में कर रही है ? अंत में रोहिणी ने लिखा है, "बेहतर तो ये होता कि सम्राट सरकार आधिकारिक तौर पर सरकार का ये नया मंत्र घोषित कर देती- जिम्मेदारी कम करो, हस्तांतरण ज़्यादा करो।"

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