फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar News: फैजल खान को अब 30 जून तक राहत, अदालत ने गिरफ्तारी पर लगाई है रोक; अंगरक्षकों को नहीं मिली जमानत

Sat, 27 Jun 2026 08:37 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Patna Police: चर्चित यूट्यूबर और शिक्षक फैजल खान को पटना पुलिस 30 जून तक गिरफ्तार नहीं कर सकती है। कोर्ट ने 30 जून तक राहत दी है। अगली सुनवाई इसी तारीख को होगी और अदालत तय करेगी कि फैजल खान को अग्रिम जमानत मिलेगी या नहीं। 
विज्ञापन
फैजल खान उर्फ खान सर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में यूट्यूबर और शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 30 जून को निर्धारित की है। तब तक खान सर की गिरफ्तारी या उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक जारी रहेगी।

विज्ञापन


अब 30 जून को ही सुनवाई होगी
शनिवार सुबह हुई सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में वह अपडेटेड केस डायरी पेश कर दी, जिसे पिछली तारीख पर जिला जज ने तलब किया था। अब अदालत इसी अपडेटेड केस डायरी के आधार पर 30 जून को अग्रिम जमानत याचिका पर अंतिम फैसला सुनाएगी। इसी मामले में खान सर के दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों की जमानत याचिका पर भी शुक्रवार को कोई निर्णय नहीं हो सका। उनकी याचिका पर भी अब 30 जून को ही सुनवाई होगी।

25 जून की सुनवाई में क्या हुआ था? 
इसे पहले 25 जून यानी गुरुवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त नाराजगी जताई। कोर्ट ने पुलिस द्वारा पेश की गई अपडेटेड केस डायरी को अधूरा बताते हुए जांच एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई थी और जल्द से जल्द पूरी केस डायरी पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट ने जांच अधिकारी को जल्द से जल्द पूरी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था। इधर, रौशन आनंद पक्ष के अभिषेक और गौरव को कोर्ट ने जमानत दे दी थी, जिसके बाद वह बेउर जेल से रिहा हुए। 
विज्ञापन

Bihar: भारत-नेपाल सीमा पर मुहर्रम जुलूस में बवाल, ताजिया के दौरान पथराव; आधा दर्जन घायल
विज्ञापन


विरोधी पक्ष का गंभीर आरोप
इससे पहले, विरोधी पक्ष के अधिवक्ता निरंजन कुमार ने फैजल खान सर की अग्रिम जमानत का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने अदालत के सामने दलील दी थी कि इस पूरे विवाद और कथित साजिश खान ग्लोबल स्टडीज के भीतर ही रची गई थी। उन्होंने कहा कि रौशन आनंद द्वारा कदमकुआं थाने में आवेदन दिए जाने के बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, जबकि इसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। पीड़ित रौशन आनंद पर जेल के भीतर भी हमले का प्रयास किया गया है और उनके भाई प्रिंस के साथ भी आपराधिक कृत्य हुआ है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें