दाखिल-खारिज की दर बढ़ाए जाने पर भड़के विधायक राहुल कुमार।
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"दिख रहा है कि बिहार का खजाना खाली है। ऐसे में एक अधिसूचना जारी कर दीजिए। जितना पब्लिक है, विधायक सहित- सभी का खाल उतरवा लीजिए। उसी चमड़े से जूता बनवाकर विदेश में बेचिए। पैसा आए, उसी से राज्य चलाइए।" राजद विधायक राहुल कुमार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में यह बातें कहते हुए बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 का कड़ा विरोध किया। विधायक ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि 'दाखिल खारिज का रेट ₹200 तय कर बिहार सरकार खुद को महान समझ रही'।
भूमि दाखिल-खारिज संशोधन विधेयक पर हंगामा
मंगलवार को बिहार विधानसभा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इस पर राजद विधायक राहुल कुमार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री से सवाल पूछाते हुए कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार का खजाना खाली है। लेकिन, सरकार 200 रुपये रखकर खुद को महान समझ रही है। दाखिल खारिज के नाम पर पहले ही अवैध रूप से वसूली की जा रही है। सरकार मनमाने ढंग से टैक्स वसूल रही है। यह गलत है। जवाब देते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों को फोबिया हो गया है कि सरकार का खजाना खाली है। इस पर विपक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताई। कहा कि तो पैसा क्यों नहीं आ रहा है फिर? दिलीप जायसवाल ने कहा कि इतना विकास आपने जिंदगी में कभी देखा था क्या? उन्होंने जंगलराज की याद भी दिलाई। इस बहसाबहसी के बीच AIMIM के अख्तरुल ईमान ने 50 रुपये शुल्क तक को जायज कहा, हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार की ओर से पेश संशोधन विधेयक को ध्वनिमत से पारित घोषित कर दिया।
शुल्क पहली बार, उसमें बढ़ाने का भी विकल्प
बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा-17 के तहत भूमि/भू-खण्ड के दाखिल-खारिज हेतु प्रत्येक याचिका, अपील के ज्ञापन या पुनरीक्षण से संबंधित आवेदन पर यथा विहित मूल्य का न्यायालय फीस स्टाम्प चिपकाने का प्रावधान है। परन्तु, शुल्क अधिरोपित करने का प्रावधान नहीं था। विभिन्न विभागीय बैठकों में राज्य में प्रत्येक दाखिल-खारिज याचिका, अपील तथा पुनरीक्षण के विरूद्ध आवेदक/भू-स्वामी पर शुल्क अधिरोपित करने की आवश्यकता महसूस की गयी है, ताकि राजस्व वृद्धि में योगदान दिया जा सके। इसलिए, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 गठित किया गया है, विधेयक के अधिनियमित हो जाने के फलस्वरूप भूमि/भू-खण्ड के दाखिल-खारिज हेतु आवेदक से प्रत्येक याचिका, अपील के ज्ञापन तथा पुनरीक्षण के आवेदन पर 200/- शुल्क लिया जा सकेगा। उक्त शुल्क को राज्य सरकार द्वारा विशेष या सामान्य आदेश द्वारा समय-समय पर संशोधित किया जा सकता है।