बिहार में महिला आरक्षण बिल पर सियासी घमासान जारी है। रविवार दोपहर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री तो बन गए हैं, लेकिन उन्हें इस बिल की समझ ही नहीं है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर सत्ता पक्ष परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले ही यह बिल पास हो चुका था, तो फिर इसे लागू क्यों नहीं किया गया? राष्ट्रपति से हस्ताक्षर क्यों नहीं कराए गए?
तेजस्वी ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही है। अब सरकार को दिल्ली से चलाया जा रहा है। पीएमओ से अधिकारी आकर फैसले करेंगे और वही होगा जो ऊपर से तय होगा।
भाजपा पर निशाना साधते हुए क्या कहा?
भाजपा पर निशाना साधते हुए राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि इनकी सोच महिलाओं के प्रति क्या है, यह सभी जानते हैं। तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि हमारी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। हम तो कहते हैं कि महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए और उसमें भी ओबीसी महिलाओं को अलग से हिस्सा मिले।
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नीतीश कुमार पर क्या आरोप लगाया
आगामी 24 अप्रैल को होने वाले फ्लोर टेस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने इसे महज औपचारिकता बताया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने ही सिद्धांतों से समझौता किया है, जिसका परिणाम राज्य में बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के रूप में सामने आ रहा है। बिहार में अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर है और बड़ी वित्तीय अनियमितताओं के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।